'एकल कंप्यूटर ऑन व्हील' पहल: वनवासी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा की क्रांति
गांव गांव जाकर छात्रों को सिखाया जायेगा बेसिक एवं एडवांस कम्प्युटर कोर्स
Chhindwara, 17 July 2025
छिंदवाड़ा यशो:- वनवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एकल कंप्यूटर ऑन व्हील’ नामक एक अनूठी पहल चलाई जा रही है। यह बस, जिसमें 9 लैपटॉप लगे हैं और एक साथ 18 बच्चे कंप्यूटर सीख सकते हैं, गांव-गांव जाकर छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर के बेसिक और एडवांस कोर्स सिखा रही है।
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एकल ग्राम उत्थान के केंद्र सह-योजना प्रमुख दिलीप बाडिवा ने बताया कि यह बस वनवासी क्षेत्रों में कंप्यूटर शिक्षा को सुलभ बना रही है। छात्र-छात्राओं को हिंदी, अंग्रेजी टाइपिंग, नोटपैड, वर्डपैड और पीपीटी जैसे बेसिक कोर्स एक महीने में सिखाए जाते हैं, जबकि एडवांस कोर्स तीन महीने का होता है। इन कोर्सों के सफल समापन पर अमरकंटक यूनिवर्सिटी द्वारा केंद्र सरकार का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। बस में उमेश यादव ट्रेनर के रूप में बच्चों को प्रशिक्षित करते हैं, और इसमें एक एल.ई.डी. स्क्रीन भी लगी है।
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कैसे काम करती है यह पहल?
दिलीप बाडिवा ने बताया कि एकल ग्राम उत्थान फाउंडेशन की ओर से यह बस और कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। यह बस एक गांव में दो घंटे रुकती है, जिससे बच्चे कंप्यूटर चलाना सीख सकें। इस तरह, यह बस दिन में तीन गांवों का दौरा करती है। यह योजना वर्तमान में खरगोन और होशंगाबाद जिलों में सफलतापूर्वक चल रही है। अब तक, इस योजना से लगभग 3,000 छात्र-छात्राएं कंप्यूटर चला रहे हैं और अपनी आजीविका कमा रहे हैं। इस कोर्स के लिए विवेकानंद संस्थान के नाम से 600 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस ली जाती है।
बालाघाट पुलिस की पहल: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता
एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बालाघाट पुलिस अधीक्षक आशीष मिश्रा ने ‘एकल कंप्यूटर ऑन व्हील’ बस को अपने जिले में बुलाया है। दिलीप बाडिवा ने बताया कि यह बस तीन महीने तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाई जाएगी, ताकि नक्सलियों के परिवार और उनके बच्चे कंप्यूटर कोर्स सीख सकें और अपनी आजीविका कमा सकें। यह पहल न केवल शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास में भी सहायक होगी।
छिंदवाड़ा में बस का अवलोकन
हाल ही में जब यह बस छिंदवाड़ा पहुंची, तो गुजराती समाज छिंदवाड़ा के सदस्यों ने इसका अवलोकन किया। इस अवसर पर वनराज जाडेजा, शैलेष देसाई, मीना जाडेजा, नूतन राठौर, आशीष बटाविया, मोहन भाई, कमलेश वरमैया, सतीश मालवी और एकल अभियान के गोविंद चौरसिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस पहल को सभी ने सराहा, जो ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों में डिजिटल खाई को पाटने का काम कर रही है।



