छिंदवाड़ा

विद्यार्थियों ने जानीं स्वतंत्रता संग्राम के जनजाति नायकों की जीवन गाथा

जनजाति नायकों के अद्वितीय योगदान के लिए राष्ट्र्र उनका सदैव ऋणी रहेगा: टेकाम

Chhindwara 29 March 2025
छिंदवाड़ा यशो:- शासकीय विधि महाविद्यालय छिंदवाड़ा में शनिवार को स्वतंत्रता संग्राम में जनजाति नायकों के योगदान से विद्यार्थियों को परिचित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात विधिवत् मां सरस्वती एवं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में छिंदवाड़ा जिला पंचायत के जिला समन्वयक कमलेश टेकाम, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ बीके अकोदिया, कार्यक्रम के प्रभारी कमलेश चरपे सहायक प्राध्यापक डॉ कमलाकर मोटघरे, डॉ दमयंती कटरे, डॉ स्नेहा कुमारी, राकेश कुमार कोष्टीआदि उपस्थित थे। बतौर मुख्य अतिथि कमलेश टेकाम ने कहा कि जनजाति नायक बीरसा मुण्डा, रानी दुर्गावती, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, बादल भोई आदि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके अद्भुत, अद्वितीय शौर्य गाथा बताई। साथ ही उनके स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में दिए योगदान को याद किया। साथ ही कहा कि प्राचीन काल से जनजाति समाज प्रकृति का उपासक रहा है, उनका जीवन जल, जंगल और जमीन पर आधारित रहा है। ब्रिटिश हुकूमत की ईंट से ईंट बजाकर देश की आजादी में अतुलनीय योगदान दिया। जनजाति नायकों के अद्वितीय योगदान के लिए राष्ट्र्र उनका सदैव ऋ णी रहेगा कार्यक्रम का संचालन बखूबी से सहायक प्राध्यापक डॉ दम्यंती कटरे एवं आभार प्रदर्शन डॉ कमलाकर मोटघरे ने किया।

प्रदर्शनी के माध्यम से देखीं नायकों की शौर्य गाथा

महाविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जन नायकों की शौर्य गाथा पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने उन्हें याद करते हुए नमन किया। प्रदर्शनी में सैकड़ों वीर बलिदानियों की जीवनी बताई गई।

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