पेंच अभ्यारण्य में घायल बाघ शावक का सफल रेस्क्यू
डॉक्टरों और हाथी दल की सूझबूझ, बाघिन और उसके दूसरे शावक को मौके से हटाया गया
पेंच अभ्यारण्य में घायल बाघ शावक का सफल रेस्क्यू
Seoni, 05 November 2025
सिवनी यशो:-पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक घायल बाघ शावक को उसकी माँ की उपस्थिति में सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। यह अभियान तीन दिनों तक चला और वन विभाग के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य साबित हुआ।

तीन दिनों तक चला खोज और बचाव अभियान
दिनांक 02 नवम्बर 2025 को पर्यटकों द्वारा एक घायल बाघ शावक को देखे जाने की सूचना पेंच प्रबंधन को दी गई।
इसके बाद 03 नवम्बर की सुबह से ही घायल शावक की तलाश शुरू की गई। शाम लगभग 5:30 बजे घायल बाघ शावक अपनी मां और
एक अन्य शावक के साथ हाथी महावत द्वारा देखा गया,
किंतु समय कम होने के कारण रेस्क्यू संभव नहीं हो सका।
अगले दिन हुआ सफल रेस्क्यू
04 नवम्बर 2025 की सुबह हाथी महावतों एवं परिक्षेत्र कर्माझीरी की टीम ने पुनः खोज प्रारंभ की।
दोपहर लगभग 11 बजे घायल शावक अपनी मां और अन्य शावक के साथ पुनः दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश मिश्रा के निर्देशन में गठित रेस्क्यू टीम,
अधीक्षक पेंच मोगली अभ्यारण्य अनिल सोनी एवं परिक्षेत्र कर्माझीरी का स्टाफ मौके पर पहुंचा।
“मां बाघिन के रहते हुए घायल शावक को रेस्क्यू करना बेहद कठिन था, परंतु टीम ने संयम और बुद्धिमत्ता से काम लेते हुए शावक को सुरक्षित बाहर निकाला।”
— डॉ. अखिलेश मिश्रा, वरिष्ठ वन्यप्राणी चिकित्सक
डॉक्टरों और हाथी दल की सूझबूझ
डॉ. मिश्रा के नेतृत्व में बाघ शावक को निश्चेतन डार्ट मारा गया।
तत्पश्चात अन्य हाथियों की मदद से बाघिन और उसके दूसरे शावक को मौके से पीछे हटाया गया।
रेस्क्यू दल ने निश्चेत हुए बाघ शावक को सावधानीपूर्वक रेस्क्यू वाहन में रखा और उपचार के बाद उसे चेतन किया गया।
इलाज हेतु भोपाल भेजा गया
रेस्क्यू के बाद घायल बाघ शावक को प्रारंभिक उपचार प्रदान कर वन विहार, भोपाल भेजा गया।
पेंच प्रबंधन ने बताया कि शावक की स्थिति स्थिर है और उसके शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद है।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन पेंच टाइगर रिजर्व की सजग निगरानी, वन्यप्राणी प्रेम और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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