मध्यप्रदेशसिवनी

15 वर्षों से आदिवासी छात्रों का हक छीन रहा अधीक्षक रोहित बोपचे

स्कूल नहीं जाते, फिर भी हर महीने उठा रहे 75 हज़ार वेतन

Seoni September 20, 2025
सिवनी यशो:- आदिवासी बालक छात्रावास बालपुर में पदस्थ अधीक्षक रोहित बोपचे पर छात्रों के शोषण और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। वर्ष 2009 से लगातार 15 वर्षों से इसी छात्रावास में पदस्थ बोपचे पर आरोप है कि वह न तो नियमित रूप से छात्रावास में रहते हैं और न ही शासन की योजनाओं का लाभ छात्रों तक पहुंचाते हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अधीक्षक अधिकांश समय अपने गांव मुर्गाहाई (विकासखण्ड धनौरा) में रहकर निजी व्यापार और खेती करते हैं,

जबकि छात्रावास को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।

औचक निरीक्षण में खुला राज

7 सितंबर को घंसौर विकासखण्ड के प्रभारी मंडल संयोजक रघुवंश पंद्रे ने बालपुर छात्रावास का औचक निरीक्षण किया तो छात्रावास बंद मिला।

करीब 50 छात्र, चौकीदार और चपरासी सभी अनुपस्थित पाए गए।

इसके बाद अधीक्षक बोपचे ने बचाव के लिए प्राइवेट स्कूलों में पढऩे वाले स्थानीय बच्चों की फोटो व्हाट्सऐप ग्रुप में डालकर अधिकारीयों को गुमराह करने की कोशिश की।

सूत्र बताते हैं कि निरीक्षण के बाद बोपचे ने कई छात्रों को फोन करके रात तक छात्रावास बुलाने का प्रयास भी किया।

स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि अधीक्षक के मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए, ताकि पूरे मामले का सच सामने आ सके।

नियमों की खुलेआम धज्जियाँ

मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वर्ष 2017 में जारी दिशा-निर्देशों

(पत्र क्रमांक 23255) के अनुसार,

किसी भी अधीक्षक/संविदा अधीक्षक की पदस्थापना 3 वर्ष से अधिक एक ही छात्रावास में नहीं हो सकती।

तीन साल बाद उन्हें विद्यालय में अध्यापन कार्य हेतु भेजना अनिवार्य है।

परंतु जुलाई 2018 में संविलियन होने के बावजूद रोहित बोपचे को विद्यालय न भेजकर छात्रावास में ही रखे जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

छात्रों के अधिकारों पर डाका

छात्रों का आरोप है कि अधीक्षक छात्रावास में

नाश्ते और भोजन में कटौती करते हैं,

शनिवार-रविवार और त्यौहार के नाम पर छुट्टी घोषित करके बच्चों को घर भेज देते हैं,

बजट की कमी का बहाना बनाकर सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराते।

प्रशासन क्या कहता है

इस मामले पर लालजी राम मीणा, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सिवनी ने कहा –

“आपने यह मामला संज्ञान में लाया है। मैं स्वयं निरीक्षण कर चुका हूँ।

नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी, लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी।”

https://trc.mponline.gov.in/portal/Services/TRC/Tribal/MS/index.aspx

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!