नियुक्ति के साथ दस लाख जुर्माना अदा करें 60 दिन के अंदर- सुप्रीम कोर्ट
दिल्ली:- अधिकारियों के मनमाने अडियल रूख सरकार की सरकार के व्यवहार पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश दिया है कि 60दिन के अंदर पीडित महिला को दस लाख रूपये का जुर्माने की देते हुये नियुक्ति दी जाये।
मध्य प्रदेश सरकार और इसके अधिकारियों की मनमानी एवं अड़ियल रवैये को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता उन्हें फटकार लगाई। कोर्ट ने निर्देश दिया कि एक महिला पात्रता परीक्षा पास के बाद भी नियुक्ति नहीं दी.गई. और उसे अपने.हक के लिये लंबी कानूनी लडाई लडना पडा उक्त महिला को ‘संविदा शाला शिक्षक ग्रेड-3’ या समकक्ष पद पर 60 दिन के अंदर नियुक्त किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने उल्लेख किया कि महिला ने अगस्त 2008 में ‘संविदा शाला शिक्षक ग्रेड-3’ में चयन के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की थी लेकिन उसे कोई नियुक्ति पत्र नहीं जारी किया गया।
न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और कहा कि 60 दिनों के अंदर यह रकम महिला को अदा की जाए। माननीय न्ययालय कहा कि यह ऐसा मामला है जिसमें राज्य सरकार और उसके अधिकारियों के अड़ियल, मनमाने, दुर्भावनापूर्ण रवैये के कारण अपीलकर्ता को लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। महिला ने 31 अगस्त 2008 को संविदा शाला शिक्षक ग्रेड-3 पद के लिए आयोजित चयन परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद, अपीलकर्ता (स्मिता श्रीवास्तव) को उसकी सफलता का फल नहीं मिला। न्यायालय ने श्रीवास्तव की अपील पर अपना फैसला सुनाया जिन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मई और अगस्त 2022 में जारी किये गए आदेशों को चुनौती दी थी।



