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क्राइमधर्ममध्यप्रदेशसिवनी

बाल विवाह में पंडित, मौलवी, पादरी एवं संरक्षक को दो साल की सजा और एक लाख जुर्माना

आमजनों से ऐसे विवाह की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील

सिवनी यशो:- जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास द्वारा बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 एवं मध्य प्रदेश बाल विवाह प्रतिषेध नियम 2007 के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की का विवाह कानूनन अपराध है, जिसमें माता-पिता, संरक्षक, रिश्तेदार एवं वैवाहिक सेवा प्रदाता जैसे पण्डित,मौलवी,पादरी, मैरिज ब्यूरो, कैंटर्स, प्रिंटिंग प्रेस, घोड़े वाले, बाजे वाले एवं विवाह में सम्मिलित सभी व्यक्तियों को दोषी माना जाता है। जिसमें एक लाख रूपये का जुर्माना एवं 02 वर्ष की सजा का प्रावधान है।
ऐसे बाल विवाह रोकथाम हेतु कलेक्टर  क्षितिज सिंघल Collector Kshitij Singhal द्वारा त्वरित कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। 10 मई 2024 अक्षय तृतीया (akshay trteeya) अथवा किसी भी अवसर पर यदि ऐसा बाल-विवाह संपन्न होता है तो बाल-विवाह रोकने के लिए संबंधित क्षेत्र के परियोजना कार्यालय, नजदीकी पुलिस थाना या 100 डायल, चाइल्ड लाइन 1098 पर तत्काल सूचना दी जा सकती है। जिससे बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम से बालक-बालिकाओं को बचाया जा सकता है। इस हेतु आमजनों से लाड़ो अभियान अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 बाल विवाह रोकथाम हेतु अपील की गई है।

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