Wed, 21 Oct 2026 | 11:19:56 PM
Dainik Yashonnati
Breaking News Exclusive
नागपुर मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर आज होगा ‘रेल जनसंवाद’, यात्रियों से सीधे बात करेंगे अधिकारी आंदोलन समाधान के लिए हों, समाज में विभाजन के लिए नहीं गरबा आयोजन में पार्किंग व्यवस्था ध्वस्त, डिंडौरी नाका से बिनेका तक वाहनों की लंबी कतारें मध्यप्रदेश में करीब 750 पुलिस पदों पर होगी भर्ती, हर जिले में बनेगा पुलिस बैंड पुलिस लाइन में विजयादशमी पर विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन, कलेक्टर और एसपी ने निभाई परंपरा आज सिवनी सहित जिलेभर में दशहरे की धूम, 51 फीट के रावण का होगा दहन सिवनी में आज गूंजेगा जय श्रीराम! गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती, 51 फीट के रावण का होगा दहन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा भारत : डॉ. मोहन यादव नवरात्रि में सांवरी पुलिस की अनूठी पहल, बालिकाओं को बांटे निःशुल्क हेलमेट खेतों से बोरवेल की लीड चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देहात पुलिस ने 1.21 लाख रुपये का माल किया जब्त नागपुर मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर आज होगा ‘रेल जनसंवाद’, यात्रियों से सीधे बात करेंगे अधिकारी आंदोलन समाधान के लिए हों, समाज में विभाजन के लिए नहीं गरबा आयोजन में पार्किंग व्यवस्था ध्वस्त, डिंडौरी नाका से बिनेका तक वाहनों की लंबी कतारें मध्यप्रदेश में करीब 750 पुलिस पदों पर होगी भर्ती, हर जिले में बनेगा पुलिस बैंड पुलिस लाइन में विजयादशमी पर विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन, कलेक्टर और एसपी ने निभाई परंपरा आज सिवनी सहित जिलेभर में दशहरे की धूम, 51 फीट के रावण का होगा दहन सिवनी में आज गूंजेगा जय श्रीराम! गंगा आरती की तर्ज पर महाआरती, 51 फीट के रावण का होगा दहन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा भारत : डॉ. मोहन यादव नवरात्रि में सांवरी पुलिस की अनूठी पहल, बालिकाओं को बांटे निःशुल्क हेलमेट खेतों से बोरवेल की लीड चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, देहात पुलिस ने 1.21 लाख रुपये का माल किया जब्त

विकास का मार्ग कठिनाइयों के कंकरीले पथ से ही होकर जाता है -प्रज्ञानानंद जी महाराज

Dainik Yashonnati

Dainik Yashonnati / Mar 21, 2025 09:53 pm / Post views : 277

विकास का मार्ग कठिनाइयों के कंकरीले पथ से ही होकर जाता है -प्रज्ञानानंद जी महाराज
शेयर करें:

नंदीकेश्वर धाम में चल रही अष्टोत्तरशत् श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोता

Seoni 21 March 2025 सिवनी यशो:- सूर्य द्वारा मेघों का आवरण-तिरोहण एवं संघर्ष और विषमताएं जीवन का अवरोध नहीं, अपितु मानवीय सामर्थ्य को उजागर करने वाले साधन हैं, प्रत्येक परिस्थिति में प्राणी को धैर्य रखना चाहिए, विपरीत परिस्थितियां मनुष्य के सोए हुए मनोबल को जगाती हैं और उसकी दृढ़ता में बढ़ोतरी करती हैं। जो विपत्तियों से घबराता है, वह निर्बल है, विपत्तियाँ तो हमें सावधान करती हैं, सजग बनाती हैं। उक्ताशय के प्रवचन नंदीकेश्वर धाम, परशुराम भवन, दर्शिका लॉन, बरघाट रोड, सिवनी में चल रही अष्टोत्तरशत् श्रीमद भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा में बाललीला व गोवर्धन कथा के साथ जगद्?गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री प्रज्ञानानंद सरस्वती जी महाराज ने पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओ से कही, महाराज जी ने कहा कि उन्नति और विकास का मार्ग कठिनाइयों के कंकरीले पथ से ही होकर जाता है। जो व्यक्ति जीवन में कठिनाइयों से घबराता है उसे उन्नति की आकाँक्षा नहीं करनी चाहिए। उन्नति का अर्थ ही ऊंचाई है, जिस पर चढऩे के लिये अधिक परिश्रम करना पड़ता है। अगर जीवन में आत्मबल, धैर्य, साहस, पुरुषार्थ, विवेक और ईश्वर आश्रय हो तो हरेक परिस्थिति में विजय प्राप्त कर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है।

पूर्णता के साथ काम करते हैं, तो सफलता आपका पीछा करेगी

वास्तव में सफल वही है जो विषम परिस्थितियों और अड़चनों में भी प्रसन्न रहे,स्वस्थ रहे, जीवन का संतुलन न खोए और अपने आदर्शों को न छोड़े। एकाग्रता, प्रसन्नता व पवित्रतापूर्वक पुरूषार्थ करते हुए वर्तमान में जीना और हर परिस्थिति में सम भाव रखना ही योग है। अतीत का शोक, वर्तमान की आसक्ति और भविष्य के भय को त्याग कर पूर्णरूपेण कर्मशील व सात्विक जीवन ही हमारी सर्वोपरि प्राथमिकता होनी चाहिए। यही हमारे स्वास्थ्य का प्रमुख आधार बनेगी,हमारे उत्थान की नींव के लिए हमारे भूतकाल, वर्तमान और भविष्य के बीच आपसी संबंध और निष्ठा आवश्यक है। कठिनाईयों के समय अपने लक्ष्यों का पीछा करना न छोड़ें। कठिनाईयों को अवसरों में बदले। यदि आप दृढ़ संकल्प और पूर्णता के साथ काम करते हैं, तो सफलता आपका पीछा करेगी। सनातनी के सत्कर्म में व्यापक विश्व कल्याण समाहित होता है – स्वामी प्रज्ञानानंद जी

जो व्यक्ति जीवन में कठिनाइयों से घबराता है उसे उन्नति की आकाँक्षा नहीं करनी चाहिए

अवसर आपके चारों ओर हैं, इन्हें पहचानिए और इनका लाभ उठाइए। बड़ा सोचिये, दूसरों से पहले सोचिये और जल्दी सोचिये क्योंकि विचारों पर किसी एक का अधिकार नहीं है। राग और द्वेष से मुक्त बनकर समता भाव धारण करना चाहिए। जहां शंका होती है, वहां श्रद्धा नहीं होती। जहां श्रद्धा होती है वहां शंका नहीं रह सकती। ईश्वर है या नही, हमने कभी देखा नही। इस प्रकार की शंकाएं व्यक्ति की श्रद्धा को भ्रष्ट करती है। परमेश्वर परमात्मा को हृदय में धारण करना, हर पल उनका स्मरण करना, प्रतिदिन उनके दर्शन-पूजन करना, यह हमारी आर्य संस्कृति है। उन्नति और विकास का मार्ग कठिनाइयों के कंकरीले पथ से ही जाता है। जो व्यक्ति जीवन में कठिनाइयों से घबराता है उसे उन्नति की आकाँक्षा नहीं करनी चाहिए। उन्नति का अर्थ ही ऊंचाई है, जिस पर चढऩे के लिये अधिक परिश्रम करना पड़ता है। दिन और रात के समान सुख-दु:ख का कालचक्र सदा घूमता ही रहता है। जैसे दिन के बाद रात्रि का आना अवश्यम्भावी है, वैसे ही सुख के बाद दु:ख का भी आना अनिवार्य है। दु:ख भी एक तरह की परीक्षा होती है। जैसे स्वर्ण अग्नि में तपकर अधिक सतेज बनता है, वैसे ही धैर्यवान मनुष्य विपत्तियों का साहस के साथ सामना करते हुए जीवन संग्राम में विजय प्राप्त करता है । कृष्ण हमारी आत्मा के सबसे निकट है – स्वामी प्रज्ञानानंद जी महाराज

Live

लाइव क्रिकेट Score

Live

दैनिक राशिफल Daily

ज्योतिष