सिवनी में जमकर बरसी बारिश, ठंडक बढ़ी – किसानों की चिंता भी
जिले में अब तक 194.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज, घंसौर सबसे आगे, कुरई में सबसे कम
Seoni 01 July 2025
सिवनी यशो :- सिवनी जिला सोमवार और मंगलवार को लगातार बारिश की चपेट में रहा। जिला मुख्यालय सहित अधिकांश विकासखंडों में दिनभर रुक-रुक कर तेज और मध्यम बारिश होती रही, जिससे वातावरण में ठंडक तो घुल गई है, लेकिन इससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खासकर जिन क्षेत्रों में बारिश की मात्रा अपेक्षाकृत कम रही है, वहाँ खेती की योजना बनाने में किसानों को असमंजस का सामना करना पड़ रहा है।
भू-अभिलेख कार्यालय सिवनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जून से 1 जुलाई 2025 तक जिले में कुल औसत 194.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, इस वर्ष अब तक कुल 1553.8 मिमी वर्षा विभिन्न विकासखंडों में रिकार्ड की गई है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। वर्ष 2024 में इसी अवधि तक 1349.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।
विकासखंडवार वर्षा स्थिति (01 जून – 01 जुलाई 2025):
| विकासखंड | वर्षा (मिमी) |
|---|---|
| घंसौर | 377.0 |
| केवलारी | 238.4 |
| लखनादौन | 236.3 |
| धनौरा | 204.0 |
| सिवनी | 176.4 |
| छपारा | 170.0 |
| बरघाट | 97.0 |
| कुरई | 54.0 |
जहां घंसौर और केवलारी जैसे क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने से किसान धान की बोवनी या रोपा की तैयारी में जुट गए हैं, वहीं कुरई, बरघाट और छपारा क्षेत्रों में अभी तक अपेक्षित पानी नहीं मिलने से किसान चिंतित और असमंजस में हैं। कुछ किसानों का कहना है कि लगातार बारिश यदि कुछ दिन और हो जाती है, तो बुआई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी आ जाएगी, लेकिन असमान वर्षा के कारण एकरूपता से खेती करना संभव नहीं हो रहा है।
मौसम ने दी राहत, पर खेतों की जरूरत अलग
बारिश से भले ही गर्मी से राहत मिली हो और मौसम में सिहरन सी ठंडक घुल गई हो, लेकिन खेतों की जरूरत अलग है। किसान रामदयाल पटेल का कहना है—
“बारिश हो रही है लेकिन ये रुक-रुक कर हो रही है, जिससे खेत में पानी रुक नहीं रहा। न ज्यादा सूख रहा है, न बोवनी लायक हो रहा है।”
जल संरक्षण की चुनौती, जल प्रबंधन की ज़रूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश का यह असमान वितरण जल संरक्षण और वैज्ञानिक खेती की आवश्यकता को रेखांकित करता है। समय रहते यदि वर्षा जल संग्रहण, तालाब गहरीकरण और खेत तालाब जैसी योजनाओं को गति नहीं दी गई, तो वर्षा अधिक होने के बावजूद फसलें असफल हो सकती हैं।
सिवनी जिले में वर्षा की मात्रा औसतन संतोषजनक है, लेकिन विकासखंडवार असमानता खेती-किसानी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन और कृषि विभाग को चाहिए कि क्षेत्रवार कृषि परामर्श एवं जल प्रबंधन के उपाय तेज़ करें, ताकि किसानों की मेहनत और आसमान से बरसी अमृत वर्षा, दोनों का पूरा लाभ मिल सके।


