छिंदवाड़ामध्यप्रदेशहेल्थ

डेंगू से गुलबरा में तीसरी मौत, अल्पायु दीपाली ने भी तोड़ा दम 

नगर निगम के सुस्त रवैये से आमजनता में दहशत 

छिंदवाड़ा यशो: – आज भारत दुनिया की 5वी बड़ी शक्ति के रूप में देखा जा रहा है, हम 21वी सदी में जी रहे है, टेक्नोलॉजी हम पर दिन  व दिन हावी होते जा रही है पर पुरानी सदी की यह बीमारी डेंगू का पुख्ता इलाज कर पाना आज तक संभव नहीं हो पाया है शहर में जिस डॉक्टर को जो लग रहा है । वैसा इलाज कर रहा है हर दिन 3-5  हज़ार रुपये की बाटल और इंजेक्शन लगाकर मरीजों की जेब  खाली की जा रही है परंतु स्थिती में सुधार होने की जगह स्थिती और विगड रही है और इसके बाद मरीज को नागपुर रिफर कर दिया जाता है ।  शहर में रोज डेंगू के मामले बढ़ते जा रहे हैं, पीडि़त और परिजन ब्लड की जरूरत के लिए मारे- मारे फिर रहे हैं… कोई भी अस्पताल ऐसा नहीं है, जहां डेंगू पीडि़त भर्ती न हो। बीती रात डेंगू के कारण एक महिला की  अल्पायु में मौत हो गई है और चार दिनों पहले ही श्याम टाकिज निवासी युवक  गुलाबरा निवासी  की मौत भी इसी कारण हुई थी लेकिन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग तथा जिम्मेदार नींद से जगने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। सारा शहर इस आस में है कि युद्ध स्तर पर पूरे शहर में दवाई छिड़काव हो, लेकिन जिम्मेदारो का रवैया सुस्त है ।
  जानकारी के अनुसार, गुलाबरा निवासी दीपाली बघेल को दो दिन पूर्व डेंगू डिटेक्ट हुआ था और शहर के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बीती रात उनकी हालत नाजुक होने पर परिजन उन्हें नागपुर लेकर गए थे लेकिन अस्पताल पहुंचने के पहले ही दीपाली बघेल की मौत हो गई, । वह अपना भरा पूरा परिवार छोड़ गई. युवा महिला की मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में आए दिन डेंगू के कारण हो रही मौतों ने शहर में दहशत और आक्रोश का माहौल बना रहा है । नगर निगम के उदासीन रवैया को लोग जिम्मेदार मान रहे हैं।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!