बालाघाटमध्यप्रदेशसिवनी

पेयजल संकट के लिये जिम्मेदार को पाँच साल की सजा, यह प्रावधान है

पर जिम्मेदारी तय करेगा कौन ?
पेयजल के दुरुपयोग पर पांच साल की जेल और एक लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान है

Seoni 15 April 2025
सिवनी यशो:- सिवनी नगर सहित भीमगढ़ बांध से ग्रामीण क्षेत्र में समूह जल प्रदाय योजनाओं से जुड़े ग्रामों में पेयजल संकट की विकराल स्थिती निर्मित हो गयी है । सिवनी नगर में पिछले तीन चार दिनों से पेयजल की सप्लाई बंद पड़ी है । नगर में पानी के लिये त्राहि त्राहि मची हुई है । पेयजल एवं दैनिक उपयोग के लिये जल की उपलब्धता नगर में बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है । उत्पन्न जल संकट के कारण जो दृश्य दिख रहे है वह भयावह है ।

सिवनी नगर में देर रात में हैंडपंपों में के चलने की आवाजे आ रही है तो कोई साईकिल में पानी कुप्पियाँ बांध कर पानी ढो रहा है तो कोई मोटर साईकिल से । वर्षो से वीरन पड़े कुएँ जल संकट उत्पन्न होने से आबाद हो गये है । जल स्रोतो के आस पास आम जन पानी भरते हुये दिखाई दे रहे है ।

सिवनी नगर पालिका परिषद सहित सत्ता धारी दल और विपक्षी राजनैतिक आरोप प्रत्यारोप करते हुये टेंकरों के माध्यम से वार्डो में पेयजल पहुँचा रहे है । मंगलवार के पूरे दिन नगर में टेंकर, फायर, फायर फाइटरों की धमाचौकड़ी रही । वार्डो के जिस क्षेत्र में टेंकर पहुँचते थे वहाँ पानी प्राप्त करने वालों के बीच कोहराम मच जाता था सभी अधिकतम पानी प्राप्त करने के चक्कर पूरी ताकत लगा रहे थे अनेक स्थानों में आपसी बहस भी हो रही थी । वार्डो के पार्षद पानी के बंटवारे में परेशान होते हुये दिखे ।
पेयजल की सप्लाई कितने दिन और बांधित रहेगी स्पष्ट रूप से कुछ कह पाना संभव नहीं है परंतु स्पष्ट है कि अधिक दिन रही तो जनता के आक्रोश को संभाल पाना बहुत कठिन हो जायेगा ।
इस तरह की स्थिती उत्पन्न करने वाले जिम्मेदार अधिकारी पर सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन और नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सहित अन्य जिम्मेदार जनप्रतिनिधि कार्यवाही की मांग कर रहे है । हालांकि पेयजल प्राथमिकता के साथ सुरक्षित रखा जाना जाना था जिसकी अधिकारी द्वारा चिंता नहीं की गयी और सिंचाई विभाग के अधिकारी का यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है ।

यहाँ बता दें कि कुछ वर्ष पहले राजेंद्र त्यागी एंड फ्रेंड्स स्वयंसेवी संस्था के द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी ) में एक जनहित याचिका दायर करते हुए देश में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए इस दंडनीय अपराध घोषित करने की मांग की थी। इस पर (एनजीटी ) ने सरकार को इस संबंध में अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए थे। इस पर जल शक्ति मंत्रालय ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत अधिसूचना जारी की है। जिसके अनुसार पेयजल का दुरुपयोग या बर्बादी करना दंडनीय अपराध होगा। इसके अलावा दोषियों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें पांच साल जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है ।
सिंचाई विभाग के किस जिम्मेदार अधिकारी ने लापरवाही का परिचय दिया है इसकी जाँच कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाना चाहिये । इस लापरवाही से सिवनी नगर ही नहीं सिवनी एवं बालाघाट जिले के अनेक ग्रामों की पेयजल व्यवस्था पर संकट उत्पन्न हुआ है और इस प्रकार की लापरवाही छोटी नहीं है ।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!