मोदी युग के 11 वर्ष : सेवा, सुशासन और सुरक्षा की त्रिवेणी
Seoni 12 June 2025
सिवनी यशो :- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भाजपा गठबंधन सरकार के 11 वर्ष का कार्यकाल न सिर्फ विकास की नींव को मजबूत करने वाला है बल्कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने वाला कार्यकाल है। भारत ने इस दौरान सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के विकास की नई यात्रा तय की है। इस दौरान सीमा को सुरक्षित करना, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और टेक्नालॉजी को जन-जन तक पंहुचाने का कार्य किया गया है। हमने संकल्प से सिद्धि तक पंहुचने का जो लक्ष्य तय किया था उस पर आगे बढ़ रहे हैं।
उक्ताशय की प्रतिक्रिया केन्द्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार के सफलतम 11 वर्षों के कार्यकाल के दौरान किये गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए भाजपा मीडिया प्रभारी श्रीकांत अग्रवाल एवं मनोज मर्दन त्रिवेदी द्वारा अपने संयुक्त वक्तव्य में दी गई। उन्होंने बताया कि गरीब एवं मध्यम वर्ग, मजदूर एवं किसान, नौजवान एवं युवा वर्ग, छात्र शक्ति एवं मातृशक्ति, वृद्धजन एवं निसहाय जन सभी के कल्याण के लिए योजनाएं लागू भी की गई हैं और उन्हें धरातल पर उतारा भी गया है।
वक्तव्य में कहा गया कि देश का कृषि क्षेत्र हो या औद्योगिक क्षेत्र हो, विज्ञान एवं तकनीकी हो, या मेक इन इंडिया हो, पर्यटन का क्षेत्र हो या सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो, नवीन विद्यालयों का निर्माण हो या मेडिकल कॉलेजों का निर्माण हो, अधोसंरचना हो अथवा सड़क परिवहन, रेल परिवहन, हवाई यातायात हो। सरकार ने हर क्षेत्र में कार्य किया है। चंद्रयान की सफलता के बाद अब गगनयान की तैयारी इस बात का प्रमाण है कि नया भारत धरती ही नहीं अंतरिक्ष में भी आगे बढ़ रहा है। यह मोदी सरकार के परिश्रम और सुशासन का ही परिणाम है कि आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं।
वक्तव्य में कहा गया कि भाजपा हमेशा सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय की भावना से समूचे विश्व को एक परिवार के रूप में देखती है और उसी के अनुरूप हम कार्य करते हैं।
आतंकवाद और नक्सलवाद मुक्त एक गौरवशाली, समृद्धशाली और वैभवशाली भारत विश्व गुरू के रूप में पुन: स्थापित हो इसी संकल्प को लेकर केन्द्र सरकार कार्य कर रही है। जंहा नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक आंदोलन चलाया जा रहा है वहीं आतंकवाद के खिलाफ भी भारत ने विश्व के समक्ष अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से रख दिया है। अब हमने तय किया है कि यदि उरी जैसा हमला होगा तो सर्जिकल स्ट्राइक जैसा जवाब दिया जायेगा, यदि पुलवामा की घटना होगी तो बालाकोट जैसी एयर स्ट्राइक की जायेगी, यदि पहलगाम जैसा हमला होगा तो ऑपरेशन सिंदूर जैसा मुंहतोड़ जवाब दिया जायेगा। भारत अब आतंकवादी हमले का जवाब मौन से नहीं, मोर्चे से देगा।



