अब नकली खाद-बीज बेचने वालों की खैर नहीं: शिवराज सिंह चौहान

सरकार लाएगी सख्त कानून, मध्यप्रदेश सहित पूरे देश के किसानों को मिलेगा लाभ
Bhopal / Delhi 12 June 2025
कृषकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के दिन अब लद गए हैं। केंद्र सरकार नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ अब सख्त कानून लाने जा रही है। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली में आयोजित एक किसान संवाद में कही।
श्री चौहान ने कहा, “अब तक नकली खाद-बीज बेचने वालों को मामूली सज़ा और जुर्माने के चलते राहत मिल जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार एक ऐसा कानून लाने जा रही है, जिसमें कड़ी सज़ा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के किसानों, विशेष रूप से मध्यप्रदेश के किसानों से लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि उन्हें घटिया किस्म के बीज और खाद दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी फसलें खराब हो रही हैं।
मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन देते हुए कहा, “मैं खुद मध्यप्रदेश का बेटा हूं, किसानों का दर्द समझता हूं। यह कानून लागू होने के बाद नकली सामान बेचने वालों की दुकानें बंद हो जाएंगी और मालवा, महाकौशल, बुंदेलखंड और निमाड़ के किसानों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।”
दिल्ली से लेकर गांव-गांव तक पहुंचे अभियान
कृषि मंत्री ने बताया कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत 2170 वैज्ञानिकों की टीमें देशभर के गांवों में जाकर एक करोड़ से अधिक किसानों से संवाद कर चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश के भी हज़ारों गांव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं की रिसर्च किसानों के खेत तक लाई जा रही है — यही है “लैब टू लैंड” का विज़न।
“एक देश, एक खेती, एक टीम” का संकल्प
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने कहा कि दिल्ली समेत पूरे देश में केंद्र की कृषि योजनाएं अब समान रूप से लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा, “हमने मंत्र दिया है — एक देश, एक खेती, एक टीम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम ‘विकसित खेती और समृद्ध किसान’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।”
गुजरात में होगा समापन समारोह
‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का समापन 14 जून को गुजरात के बारडोली में होगा। शिवराज सिंह चौहान इस दौरान सभी राज्यों से आई वैज्ञानिक टीमों के साथ संवाद करेंगे। देशभर की 16,000 वैज्ञानिकों की टीमें वर्चुअली इस कार्यक्रम से जुड़ेंगी।
विशेष जानकारी
यह अभियान 29 मई को ओडिशा से प्रारंभ हुआ था।
कृषि मंत्री अब तक 12 राज्यों में किसानों से कर चुके हैं संवाद।
मध्यप्रदेश के किसान संगठनों ने इस प्रयास का स्वागत किया है।



