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सिवनी: सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 वर्ष का कठोर कारावास

सामूहिक दुष्कर्म मामले में सजा – दो दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास

Seoni 28 June 2026
सिवनी यशो:- जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायालय, लखनादौन ने दोनों दोषियों को दोषसिद्ध पाते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग अवधि के कारावास का भी आदेश दिया है।

घर में घुसकर वारदात को दिया था अंजाम

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने 9 नवंबर 2024 को लखनादौन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 8 नवंबर 2024 की शाम वह मजदूरी कर घर लौटी थी और घर पर अकेली थी।

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इसी दौरान लखनादौन निवासी अंचल कुमरे एवं संजू कुमरे उसके घर में जबरन घुस आए।

शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ मारपीट की। इसके बाद एक आरोपी ने बाहर से दरवाजा बंद कर पहरा दिया, जबकि दूसरे आरोपी ने घर के भीतर जबरन दुष्कर्म किया।

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घटना के बाद दोनों आरोपी पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य

लखनादौन पुलिस ने मामले की जांच के दौरान फॉरेंसिक एवं अन्य आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।

लोक अभियोजन ने रखे प्रभावी तर्क

प्रकरण की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, लखनादौन की अदालत में हुई। शासन की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक श्रीमती कीर्ति तिवारी ने पीड़िता एवं अन्य गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए तथा न्यायालय के समक्ष प्रभावी तर्क एवं न्याय दृष्टांत रखे।

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न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा

माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार पालीवाल ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए निम्नानुसार दंडित किया—

  • धारा 332(बी) के तहत 3-3 वर्ष का कारावास
  • धारा 75(1)(i) के तहत 1-1 वर्ष का कारावास
  • धारा 115(2) के तहत 1-1 वर्ष का कारावास
  • धारा 70(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत 20-20 वर्ष का कठोर कारावास

अदालत ने संबंधित प्रावधानों के अनुसार अन्य विधिक आदेश भी पारित किए।

स्रोत: मीडिया प्रभारी, जिला अभियोजन कार्यालय, सिवनी।

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संपादकीय टिप्पणी: यौन अपराधों से संबंधित समाचारों के प्रकाशन में पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है। उपरोक्त समाचार में उसी का पालन किया गया है।

https://app.ecourts.gov.in/ecourt_mobile_encrypted_DC/display_pdf.php?

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