Seoni, 17 September 2025
सिवनी यशो:- जिले के गांव-गांव में अवैध शराब का विक्रय लंबे समय से चिंता और आक्रोश का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध शराब का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा, जिससे समाज और युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इस हालात से आक्रोशित होकर एक जिम्मेदार नागरिक—जो पूर्व सरपंच और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष के पति भी हैं—ने खुद शराब दुकान पहुंचकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन उनका यह कदम कानून की नजर में गैरकानूनी हो गया।
घटना का विवरण
पुलिस रिपोर्ट (बंडोल थाना) के अनुसार, 14 सितम्बर 2025 की शाम करीब पौने पांच बजे मुंगवानी स्थित शराब दुकान में कार्यरत सेल्समैन दुर्गेश मिश्रा मौजूद था।
उसी दौरान तीन लोग—
ब्रजेश राजपूत, मुन्ना दुबे और घनश्याम उर्फ मोंटी सनोडिया
—बिना अनुमति दुकान में घुस आए और धमकी दी कि –
“तुम्हारी दुकान की शराब गांव-गांव में बिक रही है, यदि इसे बंद नहीं किया तो जहां भी मिलोगे, तुम्हें पटक-पटककर मार देंगे।”
दुकान में मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया,
लेकिन जाते-जाते आरोपियों ने यह भी कहा कि
– मैनेजर और सेठ तक यह संदेश पहुँचा देना कि
– अगर शराब विक्रय जारी रहा तो उन्हें भी जान से खत्म कर देंगे।
इसके बाद पीडि़त ने अपने मैनेजर और दुकान संचालक को घटना से अवगत कराया और 16 सितम्बर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई ।
मामला दर्ज
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बड़ा सवाल यह है कि –
यदि वास्तव में शराब का अवैध विक्रय गांव-गांव में हो रहा है,
तो इसकी रोकथाम की जिम्मेदारी आबकारी विभाग और पुलिस की है।
अधिकारियों के स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई न होने से ही लोग कानून को हाथ में लेने पर मजबूर हो रहे हैं।
निष्कर्ष
गांव-गांव में फैलते अवैध शराब के जाल से जनता परेशान है।
हालांकि, किसी भी जिम्मेदार नागरिक के लिए कानून को हाथ में लेना उचित नहीं है।
असल समाधान यह है कि-
प्रशासन और पुलिस मिलकर अवैध शराब के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें और जनता के विश्वास को बहाल करें



