10 साल से सड़क का इंतजार: बरगी बांध विस्थापित ग्राम बखारी बरसात में फिर हुआ दुनिया से कटा
ग्रामीणों का आरोप- सांसद और विधायक नहीं दिला सके सड़क, बीमारों को 6 किमी तक खाट पर ले जाना पड़ता है; आंदोलन की चेतावनी
ग्राम बखारी सड़क निर्माण – बरगी बांध विस्थापित ग्राम बखारी में सड़क नहीं, बरसात में ग्रामीण बेहाल, आंदोलन की चेतावनी
सिवनी/घंसौर यशो :- बरगी बांध से विस्थापित ग्राम बखारी के ग्रामीणों ने एक बार फिर गांव तक सर्व मौसमीय (ऑल वेदर) सड़क निर्माण की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक दशक से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगातार मांग करने के बावजूद आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।

बरसात के दौरान कच्चा मार्ग कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे गांव का संपर्क लगभग पूरी तरह कट जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूली बच्चों को प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर कीचड़ भरे रास्ते से विद्यालय जाना पड़ता है। महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाए तो उसे करीब छह किलोमीटर तक खाट पर ले जाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
ग्रामीणों का कहना है कि बरगी बांध परियोजना से विस्थापित होने के वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इस वर्ष भी मानसून शुरू होने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने से लोगों में गहरा आक्रोश है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्राम बखारी तक तत्काल सर्व मौसमीय पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।
बरसात के दौरान आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्कूली बच्चों, महिलाओं और मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बरगी बांध के सभी विस्थापित गांवों में पुनर्वास के तहत मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा कर शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।
पिछले वर्ष भी हुआ था विरोध
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष सड़क निर्माण की मांग को लेकर वन विभाग की लकड़ी से भरे ट्रक को तीन दिनों तक रोककर प्रदर्शन किया गया था। प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण का आश्वासन दिए जाने के बाद ही ट्रक को छोड़ा गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक उस आश्वासन पर अमल नहीं हुआ।
जनप्रतिनिधियों पर लगाए आरोप
प्रेस विज्ञप्ति में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक योगेन्द्र सिंह “बाबा” अब तक सड़क निर्माण नहीं करा सके हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
महिला सरपंच असुंता राजेश मरावी सहित सरिता बाई कैलाश झारिया, समरती बाई राजकुमार मरावी, चन्नू सैयाम, रतीराम यादव, लक्ष्मण बर्मन, जयपाल बर्मन, श्रीराम बर्मन, तुलाराम यादव, अरुण गुमास्ता, गुलाब झारिया सहित अनेक ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग दोहराई है।
नोट: सांसद एवं विधायक के संबंध में लगाए गए आरोप ग्रामीणों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर हैं। इन पर संबंधित जनप्रतिनिधियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



