एशिया के सबसे बडे साउंड प्रूफ ओवर ब्रिज के बारे उद्योगपित आनंद महेन्द्र ने क्या खूब कहा है
साउंड प्रूफ ओवर ब्रिज- टिकाऊ विकास और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को दर्शाता
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिज़र्व (Pench Tiger Reserve) के माध्यम से एनएच 44 के हिस्से, ऊंचे राजमार्ग की तस्वीरों का अद्भुत संयोजन।
इसका निर्माण राजमार्ग के नीचे वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही की अनुमति देने के लिए किया गया था.. और यह शाही जानवर इसका पूरा फायदा उठा रहा है…
इस प्रकार की टिप्पणी देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति (industrialist ) महेन्द्रा समूह के प्रबंध निर्देशक एवं अध्यक्ष आनंद महेन्द्रा (Anand Mahendra, Managing Director and Chairman of Mahendra Group) ने सिवनी होकर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (National Highway 44) के उस हिस्से पर अपने एक्स अकाउंट (x account) में फोटो शेयर करते हुये व्यक्त की जहाँ एशिया का सबसे बड़ा अंडर पास साउंड प्रूफ्र ओवर ब्रिज वन्य जीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है । कुरई एवं सिवनी के मध्य पेंच टाईगर रिजर्व, रूखड़ परिक्षेत्र बफर जोन के वन्य प्राणी (wild animals) स्वतंत्रता पूर्वक विचरण कर सके उनके संरक्षण और स्वच्छंदता में कोई खलल न हो इस सोच के साथ भारी बजट से यह ओवर ब्रिज बनाया गया । आज इसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है । इसके लिये जिले के आमजनों ने और जनप्रतिनिधियों ने एकजुटता के साथ बड़ी लड़ाई लड़ी तब यह संभव हुआ ।
महेन्द्रा समूहा के प्रबंध निदेशक एवं अध्यक्ष आनंद महेन्द्र ने मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से ली गई है फोटो शेयर की है जिसे देश के बड़े मीडिया ग्रुपों ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया है ।
एक्स एकाउंट पर शेयर की गयी दो फोटो में दो बहुत ही सुंदर दृश्य दिखाई दे रहे है पहली तस्वीर में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 का एक ऊंचा रास्ता दिख रहा है, जो घने जंगल से होकर गुजर रहा है। जबकि दूसरी फोटो में एक शानदार बाघ इसी ऊंचे रास्ते के नीचे से गुजर रहा है। दरअसल, ओवर ब्रिज के नीचे अंडरपास बनाये गये है जिसमें से जंगली जीवों के आने-जाने में कोई परेशानी न हो ।
आनंद महेन्द्रा ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा है- पेंच टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के शानदार तस्वीरों का एक बेहतरीन मिश्रण। ये तस्वीरें आधुनिक विकास और प्राकृतिक वासस्थान के बीच सामंजस्य का एक बेहतरीन उदाहरण हैं। यह टिकाऊ विकास और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को दर्शाता है।






