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कांग्रेस सत्ता में आई तो बजरंग दल पर लगायेगी प्रतिबंध, कांग्रेस के घोषणापत्र में

हिंदूवादी संगठनों ने कहा कांग्रेश हिंदुत्व विरोधी
सिवनी 03 मई 2023
सिवनी यशो:- कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा के लिये अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है इस घोषणापात्र में कांग्रेस मतदाताओं को लुभाने के लिये अनेक आकर्षक घोषणाएँ करने के साथ प्रखर राष्ट्रवादी संगठन बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात कहकर हिन्दुवादी संगठनों को उकसा दिया है कांग्रेस के लिये कर्नाटक चुनाव में बजरंगदल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा का कितना वितरीत प्रभाव पड़ेगा यह तो आगामी 10 मई को होने वाले चुनाव से स्पष्ट हो जायेगा परंतु भाजपा और हिन्दुवादी संगठनों को कांग्रेस ने पूरे देश में कांग्रेस के विरोध में बोलने और हिन्दू मतदाताओं के ध्रुवीकरण का एक ज्वलंत मुद्दा दे दिया है जो कांग्रेस को हिन्दु की हिन्दू विरोधी छवि को प्रचारित करेंगा । कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है जिसमें कांग्रेस ने बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से की है और कहा है कि अगर उन्हें सत्ता पर काबिज होने का अवसर मिला, तो वे इसे बैन करेंगे।
विहिप के शीर्ष नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने कांग्रेस की इस घोषणा के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुये कहा है कि कांग्रेस ने एक राष्ट्रभक्त संगठन बजरंग दल की तुलना राष्ट्रविरोधी संगठनों से कर अपनी मानसिकता का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पीएफआई के लोगों ने सर तन से जुदा वाला काम किया है, वहां-वहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसका विरोध किया है ।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि ध्यान रहे यहाँ विरोध करने का काम केवल विश्व हिंदू परिषद का नहीं अपितु हर सनातनी को कांग्रेस की इस घटिया हरकत का विरोध करना चाहिए, क्योंकि बजरंग दल सनातन धर्म की रक्षा में कार्यरत संगठन हैं , जो सनातनी कांग्रेस की इस घटिया मानसिकता को देखने के बाद भी कांग्रेस को वोट देता है उसे थोड़ा विचार करना होगा की वो खुदके साथ, अपने पूर्वजों के साथ ,अपनी आने वाली पीढ़ी के साथ क्या न्याय कर रहा है?
सुरेन्द्र जैन ने कहा कि ये वही कांग्रेस है जो कश्मीर फाइल्स का विरोध कर रही थी , ये वही कांग्रेस है जो अब केरला स्टोरी का विरोध कर रही है क्योंकि इनसे इनके चहेते जेहादियों क सत्य उजागर होता है .. और ये वही कांग्रेस है जिसने राम मंदिर का विरोध किया, राम सेतु को तोडऩा चाहा, प्रभु श्री राम को काल्पनिक कहा, गौमांस खाने को लोगों का अधिकार बताया
विहिप के नेता ने कहा कि जब वो खुलकर धर्म के विरुद्ध राजनीति कर सकते हैं तो हम धर्म की रक्षा के लिए राजनीति का प्रयोग क्यों नहीं कर सकते ।
विहिप नेता के साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी कर्नाटक चुनावी सभा में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने वाली कांग्रेस की घोषणा पर कहा है कि पहले श्री राम को ताले में बंद किया और अब जय बजरंगबली बोलने वालों को ताले में बंद करने का संकल्प लिया है. यह देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी को प्रभु श्री राम से भी तकलीफ होती थी और अब जय बजरंगबली बोलने वालों से भी तकलीफ हो रही है।

Dainikyashonnati

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