सिवनी-बालाघाट सीमा पर मलेरिया को लेकर अलर्ट, बुखार मरीजों की होगी सक्रिय खोज
पिपरवानी में अंतर जिला संयुक्त समन्वय बैठक, फीवर सर्वे के नियमित फॉलोअप और सीमावर्ती गांवों में सतत निगरानी के निर्देश
सिवनी-बालाघाट सीमा पर मलेरिया नियंत्रण की कवायद, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त बैठक
Seoni 27 August 2026
सिवनी यशो:- सीमावर्ती क्षेत्रों में मलेरिया के प्रभावी नियंत्रण और बीमारी की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन में गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरवानी में सिवनी और बालाघाट जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों को लेकर अंतर जिला संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने की।

बैठक में दोनों जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। इस दौरान सीमावर्ती गांवों में मलेरिया की रोकथाम, बुखार से पीड़ित मरीजों की पहचान, जांच तथा निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बुखार मरीजों की सक्रिय खोज पर जोर
बैठक में निर्देश दिए गए कि सीमावर्ती ग्रामों में बुखार से पीड़ित मरीजों की सक्रिय रूप से खोज की जाए। ऐसे सभी मरीजों की मलेरिया जांच सुनिश्चित करने तथा संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को गांव-गांव संपर्क बढ़ाने और बुखार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए, ताकि संक्रमण की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
दूसरे जिलों और राज्यों से आने-जाने वालों पर भी निगरानी
बैठक में उन ग्रामीणों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, जो रोजगार, व्यवसाय अथवा अन्य कारणों से दूसरे जिलों या राज्य के बाहर आवागमन करते हैं। ऐसे लोगों के बीच किए जा रहे फीवर सर्वे का नियमित फॉलोअप करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों के बीच संभावित संक्रमण की समय रहते पहचान करना और मलेरिया के प्रसार की संभावना को नियंत्रित करना है।
सतत निगरानी और त्वरित जांच के निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने स्वास्थ्य अमले को सीमावर्ती क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण एवं निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा बुखार के मामलों में त्वरित जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज न किया जाए और आवश्यकतानुसार तत्काल जांच एवं आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दोनों जिलों के बीच समन्वय पर जोर
सीमावर्ती क्षेत्रों में बीमारी की रोकथाम के लिए सिवनी और बालाघाट जिले के स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय को बैठक में महत्वपूर्ण माना गया। सीमावर्ती गांवों में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की जानकारी साझा करने और मैदानी स्तर पर आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया।
बैठक में अधिकारियों और मैदानी कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही स्वास्थ्य गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।
स्वास्थ्य अमला रहा मौजूद
बैठक में सहायक जिला मलेरिया अधिकारी सिवनी श्रीमती एस. मर्सकोले, मलेरिया निरीक्षक कटंगी श्री जी.आर. भलावी, वीबीडीटीएस कुरई श्री नितिन करिया, सेक्टर सुपरवाइजर पिपरवानी श्री आर.एस. डोंगरे सहित एएनएम, सेक्टर सुपरवाइजर कटंगी, आशा सुपरवाइजर एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सक्रिय निगरानी, समय पर जांच और मैदानी अमले के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
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