18 साल सेवा, फिर भी असुरक्षित भविष्य!
अतिथि शिक्षकों का तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू, 12 माह–62 वर्ष तक सुरक्षा की मांग
Chhindwara 02 January 2026
छिंदवाड़ा यशो:-प्रदेश में वर्षों से शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को अपने कंधों पर ढो रहे अतिथि शिक्षकों का सब्र आखिरकार टूट गया है।
प्रदेश स्तरीय आह्वान पर आज 2 जनवरी से मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अतिथि शिक्षकों द्वारा धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल एवं आमरण अनशन का क्रम प्रारंभ हो चुका है।

इसी कड़ी में आज छिंदवाड़ा जिले के अतिथि शिक्षकों ने दीनदयाल पार्क में तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल का आगाज़ किया।
“18 वर्षों से सेवा, लेकिन भविष्य आज भी अंधेरे में”
आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश महासचिव एवं छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष संतोष कहार ने अतिथि शिक्षक धरना प्रदर्शन छिंदवाड़ा को संबोधित करते हुए कहा कि—
“प्रदेश के अतिथि शिक्षक बीते 18 वर्षों से शासकीय स्कूलों में निरंतर सेवा दे रहे हैं, लेकिन आज तक हमारा भविष्य सुरक्षित नहीं किया गया।
हमने सैकड़ों बार शासन-प्रशासन से आवेदन, ज्ञापन और निवेदन किए, पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले।”
चुनाव आते ही वादे, जाते ही भूल
श्री कहार ने तीखे शब्दों में कहा कि—
“जब-जब चुनाव आया, तब-तब नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों ने हमें बड़े-बड़े सपने दिखाए।
2 सितंबर 2023 को भोपाल में हुई अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणाएं की गईं कि—
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विभागीय परीक्षा लेकर भविष्य सुरक्षित किया जाएगा
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प्रतिवर्ष 4 अंक बोनस देकर अधिकतम 20 अंक तक शिक्षक भर्ती में जोड़े जाएंगे
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नियमित शिक्षक बनाया जाएगा
लेकिन हकीकत यह है कि आज ये सभी घोषणाएं चुनावी जुमला बनकर रह गईं।”
मुख्य मांगें – अब आर-पार की लड़ाई
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें स्पष्ट हैं—
👉 कार्य अनुभव एवं वरिष्ठता के आधार पर
👉 12 माह तक सेवा सुरक्षा
👉 62 वर्ष तक भविष्य सुरक्षित किया जाए
शिक्षकों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल
अतिथि शिक्षक धरना प्रदर्शन छिंदवाड़ा में
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कार्यकारी जिला अध्यक्ष सर्वेश श्रीवास्तव
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सुनील विश्वकर्मा
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योगेश चौरसिया
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अवध सूर्यवंशी
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शोभाराम वर्मा
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सत्येंद्र शुक्ला
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अंकित विश्वकर्मा
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अशोक सूर्यवंशी
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अनिल डेहरिया
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कैलाश विश्वकर्मा
सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
चेतावनी साफ – अब पीछे हटने का सवाल नहीं
अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि
यदि शासन ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो
📢 आंदोलन और तेज किया जाएगा
📢 आमरण अनशन
📢 प्रदेशव्यापी उग्र प्रदर्शन
का रास्ता अपनाया जाएगा।
अब सवाल यह है—
क्या सरकार शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बने अतिथि शिक्षकों की सुध लेगी या उन्हें फिर आश्वासनों के सहारे छोड़ दिया जाएगा?




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