खबरें छपती रहीं, अधिकारी सोते रहे – 5 करोड़ का खेल उजागर
शिकायतकर्ता को जनसुनवाई की शरण, अपर कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश – निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
पांढुर्णा नगर पालिका घोटाला – मुख्य आरोप एक नजर में
- 💰 लगभग 5 करोड़ रुपये के कार्यों में गड़बड़ी का आरोप
- 🏗️ निर्माण के तुरंत बाद ही सड़क और नालियां क्षतिग्रस्त
- 📄 कागजी रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
- ⚠️ फर्जी बिलिंग और अधिक भुगतान की आशंका
- 📢 लगातार खबरों के बावजूद नगर पालिका ने नहीं लिया संज्ञान
Chhindwara 07 April 2026
छिंदवाड़ा/पांढुर्णा यशो:- नगर पालिका परिषद पांढुर्णा में वर्ष 2022 की मुख्यमंत्री अधोसंरचना शहरी विकास योजना (चतुर्थ चरण) के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है।
लगातार समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद नगर पालिका द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज शिकायतकर्ता को अंततः जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा।
शिकायत में क्या कहा गया?
शिकायतकर्ता मनोज दिनकररावजी गुडधे ने समाचार कटिंग, दस्तावेज और स्थल निरीक्षण के साक्ष्यों के साथ अपर कलेक्टर नीलमणी अग्निहोत्री को आवेदन सौंपा। पांढुर्णा नगर पालिका घोटाला की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश जारी किए गए।
घटिया निर्माण की खुली पोल
आरोप है कि सीसी सड़क, पुलिया, रिटर्निंग वॉल और नालियों का निर्माण कार्य पूर्ण होते ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई स्थानों पर कार्य अधूरा और मानकों के विपरीत पाया गया।
पांढुर्णा नगर पालिका घोटाला – सबसे बड़े सवाल
- खबरें छपने के बावजूद नगर पालिका क्यों चुप रही?
- क्या जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर मामले को दबा रहे थे?
- क्या करोड़ों का यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?
सिस्टम पर उठे सवाल
जब मीडिया लगातार सच सामने लाता रहे और प्रशासन मौन बना रहे, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। जनता अब जवाब चाहती है कि आखिर कब तक घटिया विकास कार्यों का बोझ उठाना पड़ेगा।
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