WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
देश विदेशधर्म

गुजरात में गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा मिले: शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को दिया सुझाव, कहा—गौ संरक्षण को मिले और मजबूती

गौमाता राज्यमाता गुजरात सरकार के लिए शंकराचार्य का बड़ा संदेश

गुजरात | विशेष संवाददाता | Updated: 2026

गुजरात के साबरकांठा जिले के ग्राम मुडेटी (इडर) में आयोजित वेद संस्कृत महाविद्यालय के नूतन संकुल उद्घाटन समारोह के दौरान
पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने एक महत्वपूर्ण और चर्चित सुझाव दिया। उन्होंने‌ गौमाता राज्यमाता गुजरात सरकार को सुझाव दिया और कहा कि
 राज्य में गौमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा प्रदान किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान दिया संदेश

समारोह में उपस्थित गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि
गुजरात में गौमाता के प्रति अपार श्रद्धा और आस्था है। ऐसे में राज्य सरकार यदि गौमाता ‘राज्यमाता’ गुजरात में दर्जा प्राप्त करेगी‌ तो यह सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक निर्णय होगा।

 “श्रद्धा का प्रतीक बने गौमाता”

शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने अपने संदेश में कहा कि गौवंश की रक्षा और संरक्षण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए
कदम सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि ‘राज्यमाता’ का दर्जा देने से कोई हानि नहीं होगी, बल्कि इससे गौमाता को
पशु की सामान्य श्रेणी से ऊपर उठाकर श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखा जाएगा।

क्या होगा प्रभाव?

इस प्रकार का निर्णय राज्य में गौ संरक्षण अभियानों को और अधिक मजबूती दे सकता है। साथ ही यह कदम सामाजिक,
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से व्यापक संदेश देने वाला साबित हो सकता है।

 गुजरात में गौमाता का महत्व

गुजरात में गौमाता को धार्मिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। यहां कई गौशालाएं
संचालित हैं और सरकार भी समय-समय पर गौ संरक्षण के लिए योजनाएं चलाती रही है।

शंकराचार्य जी का‌ गौमाता राज्यमाता गुजरात के लिए सुझाव न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान और
परंपराओं को भी सुदृढ़ करने वाला कदम हो सकता है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।

https://www.facebook.com/share/v/1Hw2yoFqJY/

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!