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हर जिले में लगेंगे जनकल्याण शिविर, जनता को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

12 से 18 जून तक विकासखंड और नगरीय निकाय मुख्यालयों में होंगे 3 दिवसीय शिविर

भोपाल यशो :- मध्यप्रदेश सरकार आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से 12 से 18 जून तक प्रदेशभर में ‘जनकल्याण शिविर’ आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों के प्रत्येक विकासखंड एवं नगरीय निकाय मुख्यालयों में 3 दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इन शिविरों में शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उनका पंजीयन, स्वीकृति एवं लाभ वितरण प्राथमिकता से किया जाएगा। साथ ही आमजन की शिकायतों और लंबित प्रकरणों का मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

शिविरों में केंद्र एवं राज्य शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं के साथ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालयों के लिए भी आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। विभागीय मैदानी अमला पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कलेक्टर, अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं विभागीय अधिकारी शिविरों में उपस्थित रहकर शिकायतों एवं योजनाओं से जुड़े मामलों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से होगी निगरानी

सरकार द्वारा अभियान की कार्यवाही सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी। इसके लिए विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसमें शिविरों की तिथियां, नोडल अधिकारी एवं प्राप्त आवेदनों की जानकारी दर्ज की जाएगी। शिविरों के दौरान सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम एवं राजस्व मामलों के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिविरों में लाभ वितरण, हितग्राही संवाद, सफलता की कहानियों का प्रस्तुतिकरण एवं योजनाओं के संबंध में जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। शिविर स्थलों पर छाया, पेयजल एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार नवाचार एवं जनहितकारी पहल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिकतम पात्र नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

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