छिंदवाड़ा के पेयजल संकट पर कमलनाथ की पहल, उद्योगपतियों से मांगे 170 पानी के टैंकर
रिलायंस, महिंद्रा, बजाज, हीरो, आईटीसी और भारती एंटरप्राइजेज को लिखा पत्र, सीएसआर के तहत सहयोग का किया आग्रह
छिंदवाड़ा पेयजल संकट कमलनाथ की पहल, उद्योगपतियों से मांगे 170 पानी के टैंकर
Chhindwara 29 June 2026
छिंदवाड़ा यशो:- जिले में गहराते पेयजल संकट के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राहत के लिए बड़ी पहल की है। उन्होंने देश के छह प्रमुख औद्योगिक समूहों को पत्र लिखकर छिंदवाड़ा के लिए 170 पेयजल टैंकर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
उनका कहना है कि जिले के कई ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में लोग भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं, ऐसे में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत सहयोग हजारों परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन सकता है।
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कमलनाथ ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज ऑटो लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड और भारती एंटरप्राइजेज के प्रमुखों को अलग-अलग पत्र लिखकर जिले में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
170 टैंकर उपलब्ध कराने का आग्रह
कमलनाथ ने अपने पत्रों में विभिन्न कंपनियों से निम्नानुसार टैंकर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है—
- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड – 30 टैंकर
- महिंद्रा एंड महिंद्रा – 30 टैंकर
- बजाज ऑटो लिमिटेड – 30 टैंकर
- हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड – 20 टैंकर
- आईटीसी लिमिटेड – 30 टैंकर
- भारती एंटरप्राइजेज – 30 टैंकर
इस प्रकार कुल 170 पानी के टैंकर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
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पत्र में बताया जल संकट का गंभीर हाल
कमलनाथ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि छिंदवाड़ा क्षेत्र लगातार सूखे और गिरते भूजल स्तर की समस्या से जूझ रहा है।
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इसके कारण अनेक ग्रामीण और आदिवासी गांवों में गर्मी के मौसम में पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कई क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने लिखा कि प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए पानी के टैंकरों की आवश्यकता है और यदि उद्योग समूह अपने सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत सहयोग करते हैं तो इससे हजारों परिवारों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
पारदर्शी उपयोग का दिया भरोसा
पूर्व मुख्यमंत्री ने उद्योग समूहों को भरोसा दिलाया है कि उपलब्ध कराए जाने वाले सभी टैंकरों का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद क्षेत्रों में नियमित पेयजल वितरण के लिए किया जाएगा।
उन्होंने इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा प्रयास बताते हुए उद्योग जगत से सहयोग की अपील की है।



