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मानसून अलर्ट: सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें; स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी, जिले के अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध, समय पर उपचार से बच सकती है जान

सिवनी सर्पदंश एडवाइजरी 2026 – स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, झाड़-फूंक छोड़ तुरंत अस्पताल पहुंचें

Seoni, 02 July 2026
सिवनी यशो:- मानसून के दौरान सर्पदंश की घटनाओं में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे के निर्देशन में जिलेभर में सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

खेत, जंगल और घर के आसपास रखें विशेष सावधानी

स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि बारिश के मौसम में रात के समय नंगे पैर घर से बाहर न निकलें।

खेत, बाड़ी या जंगल में कार्य करते समय जूते, दस्ताने तथा टॉर्च का उपयोग अवश्य करें।

जमीन पर सोने के बजाय पलंग या चारपाई का उपयोग करें तथा झाड़ियों, पत्थरों या लकड़ियों के ढेर में हाथ डालने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

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सर्पदंश होने पर क्या करें?

यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय उसे शांत रखें और अनावश्यक रूप से चलने-फिरने से रोकें। प्रभावित अंग को हृदय के स्तर से नीचे रखें तथा बिना देरी किए निकटतम सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।

यदि सुरक्षित रूप से संभव हो तो सांप की पहचान के लिए उसकी फोटो ली जा सकती है, लेकिन किसी भी स्थिति में स्वयं को खतरे में न डालें।

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ये गलतियां बिल्कुल न करें

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में घाव पर चीरा न लगाएं, उसे जलाने का प्रयास न करें और न ही कसकर पट्टी बांधें।

झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी भी अप्रमाणित घरेलू उपचार में समय न गंवाएं। चिकित्सकीय सलाह के बिना रोगी को कोई दवा, भोजन या पेय पदार्थ भी न दें।

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जिले के इन अस्पतालों में उपलब्ध है एंटी-स्नेक वेनम

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्पदंश के नि:शुल्क उपचार के लिए जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आदेगांव, कान्हीवाड़ा, भोमा, मुंगवानी, कुडारी, सुनवारा, कहानी, रुमाल, पलारी, उगली, बेहरई, आष्टा, चमारी, ग्वारी एवं खवासा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छपारा, गोपालगंज, कुरई, धनौरा एवं घंसौर, सिविल अस्पताल लखनादौन, बरघाट एवं केवलारी तथा जिला चिकित्सालय सिवनी में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में घबराने के बजाय तुरंत निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचकर नि:शुल्क उपचार प्राप्त करें।

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उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मिलने से सर्पदंश से होने वाली गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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