जादू नहीं विज्ञान है” - कलेक्टर ने खोले अंधविश्वास के मुखौटे, बच्चों को दी तार्किक सोच की सीख
विज्ञान मॉडल, नाटक और तर्कपूर्ण प्रयोगों के साथ बच्चों ने बताया - चमत्कार नहीं, वैज्ञानिक प्रक्रिया है हर ‘जादू’
मंडला यशो:- “विज्ञान किसी चमत्कार का नहीं, बल्कि तर्क, प्रयोग और जिज्ञासा की यात्रा है।” — जिला स्तरीय जादू नहीं विज्ञान है कार्यक्रम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा का यह संदेश बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीण समुदाय के बीच एक स्पष्ट संदेश छोड़ गया — अंधविश्वास छोड़ो, विज्ञान अपनाओ।
बिंझिया शासकीय विद्यालय में आयोजित इस विज्ञान महोत्सव में बच्चों द्वारा प्रस्तुत मॉडल, प्रयोग और नाटक ने साबित कर दिया कि “जादू” वास्तव में विज्ञान की सरल प्रक्रिया है, जिसे समझना और समझाना दोनों आसान है।
कलेक्टर का प्रेरक संदेश
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा —
“विज्ञान को समझने के लिए जादू नहीं, खुले दिमाग और मेहनत की ज़रूरत है। आप सभी में वैज्ञानिक सोच है, बस उसे पहचानने और इस्तेमाल करने की ज़रूरत है।”
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जिज्ञासा जगाने वाली शिक्षा दें, जो विज्ञान की असली नींव है।
अंधविश्वास के खिलाफ मंच से सीधी अपील
ढोंगी बाबा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष बनाया। विद्यार्थियों ने बताया कि कैसे पोटैशियम परमैंगनेट और ग्लीसरिन जैसी साधारण रसायनों का उपयोग कर रंग बदलने वाले प्रयोग को “जादू” बताकर कुछ ढोंगी तत्व लोगों को भ्रमित करते हैं।
पोटैशियम परमैंगनेट एक वैज्ञानिक यौगिक है, जो पानी में घुलते ही उसका रंग बैंगनी कर देता है — यही ‘चमत्कार’ बन जाता है।
कलेक्टर ने लोगों से अपील की कि सर्पदंश, चोट, बेहोशी जैसी आपात स्थितियों में झाड़-फूंक नहीं, बल्कि तुरंत चिकित्सा संस्थान में उपचार लें।
बड़े जनसंदेश वाला विज्ञान मंच
इस अवसर पर –
जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीना,
सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता,
जिला शिक्षा अधिकारी मुन्नी वरकड़े
सहित बड़ी संख्या में अधिकारी,
शिक्षक और
छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अखिलेश उपाध्याय ने किया।
सार
जादू नहीं, विज्ञान है — समझना और समझाना आसान
अंधविश्वास छोड़ो, विज्ञान अपनाएं
तर्क, प्रयोग और जिज्ञासा — यही असली शक्ति है



