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सारा ऐप के गलत सर्वे से PMAY 2.0 के सैकड़ों पात्र हितग्राही वंचित! छपारा सभापति ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र

राजस्व अभिलेखों और नक्शों की तकनीकी विसंगतियों का मामला उठाया, दशकों से आबाद परिवारों को आवास योजना से बाहर किए जाने पर हस्तक्षेप की मांग

SARA ऐप PMAY 2.0 छपारा – ऐप के गलत सर्वे से PMAY 2.0 के सैकड़ों पात्र हितग्राही वंचित, सीएम को पत्र

Seoni 03 July 2026
छपारा यशो:- नगर परिषद छपारा की सभापति शिवनीता जितेन्द्र सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 के पात्र हितग्राहियों के साथ हो रही कथित प्रशासनिक एवं तकनीकी विसंगतियों की ओर ध्यान आकर्षित कराया है।

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उन्होंने आरोप लगाया है कि राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों और सारा (SARA) ऐप के माध्यम से किए गए कथित गलत सर्वे के कारण सैकड़ों पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभ से वंचित हो रहे हैं।

नक्शा संधारण नहीं होने से अटकी पात्रता

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि खसरा नंबर 306/2 एवं 306/3 नक्शा शीट में संधारित नहीं हैं।

इसके कारण संबंधित भूखंडों और उनकी चतुर्सीमा का मिलान नहीं हो पा रहा है। जबकि उक्त भूमि को वर्ष 1989-90 से 1993-94 तथा 1994-95 से 1998-99 के बीच आबादी घोषित किया जा चुका था।

‘घास मद’ में दर्ज होने से खारिज हुए आवेदन

पत्र में उल्लेख किया गया है कि खसरा नंबर 966/2, 953/1, 966/1, 971/1, 966/5 एवं 970 वर्तमान में राजस्व रिकॉर्ड में “घास मद” (सरकारी भूमि) के रूप में दर्ज हैं। सर्वे दल ने इन्हें असत्यापित मानते हुए “खारिज श्रेणी” में डाल दिया, जबकि इन स्थानों पर वर्षों से आबादी निवास कर रही है।

सारा ऐप के सर्वे पर उठाए सवाल

सभापति ने पत्र में कहा है कि अनेक परिवार पिछले 30 से 40 वर्षों से शासकीय प्रचलित अवधिमद भूमि पर निवास कर रहे हैं और नियमानुसार उन्हें भू-अधिकार पत्र मिलना चाहिए था।

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आरोप है कि सर्वेक्षण दल ने पुराने बंदोबस्त एवं मिसल रिकॉर्ड का मिलान किए बिना केवल सारा ऐप के आधार पर डिजिटल सर्वे कर दिया, जिससे वास्तविक पात्र हितग्राही योजना से बाहर हो गए।

सभी दस्तावेज देने के बाद भी नहीं मिला लाभ

पत्र के अनुसार, हितग्राहियों ने PMAY 2.0 के आवेदन के साथ बिजली बिल, जलकर एवं अन्य करों की रसीद सहित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे।

इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों की विसंगतियों के कारण उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।

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मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

दिनांक 1 जुलाई 2026 को लिखे गए पत्र में सभापति शिवनीता जितेन्द्र सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राजस्व अभिलेखों और नक्शों में आवश्यक सुधार कराने के निर्देश दिए जाएं, ताकि छपारा के गरीब एवं वास्तविक पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का लाभ प्राप्त कर सकें।

नोट: यह समाचार नगर परिषद छपारा की सभापति द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र एवं उसमें किए गए दावों पर आधारित है। संबंधित राजस्व विभाग अथवा प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

https://saara.mp.gov.in/saaraweb/publicreport/pmKisanReport.aspx

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