5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू, छिंदवाड़ा में राजस्व कार्य प्रभावित
कैडर रिव्यू, पदोन्नति, वेतन विसंगति सहित मांगों को लेकर पटवारी संघ का आंदोलन तेज, नामांतरण-बंटवारा-सीमांकन जैसे कार्यों पर असर
छिंदवाड़ा में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, राजस्व कार्य प्रभावित
Chhindwara 04 August 2026
छिंदवाड़ा यशो:- मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के करीब 20 हजार पटवारी सोमवार से अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं।
छिंदवाड़ा जिले की सभी तहसीलों के पटवारियों ने भी आंदोलन में शामिल होकर शासकीय कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। पटवारियों की हड़ताल के कारण जिले में राजस्व विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने लगे हैं।
पटवारी संघ लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहा है। संघ की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार, वेतन विसंगतियों का निराकरण, पटवारियों की सुरक्षा व्यवस्था, लंबित मानदेय का भुगतान, स्थानांतरण नीति में सुधार और भर्ती नियमों में संशोधन शामिल हैं।
चरणबद्ध आंदोलन के बाद शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल
पटवारी संघ ने आंदोलन के पहले चरण में शासन को ज्ञापन सौंपने, सामूहिक अवकाश, काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, केवल राजस्व कार्य करने और ऑनलाइन सेवाएं बंद करने जैसे कदम उठाए थे।
इसके बाद भी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने पर अब प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी गई है।
राजस्व कार्यों पर पड़ा असर
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष रवि नागोद ने बताया कि जिले के सभी पटवारी हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पटवारियों के कार्य से जुड़े नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, गिरदावरी, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्व व्यवस्था में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और शासन द्वारा मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
जुन्नारदेव में पटवारियों ने तहसील कार्यालय में जमा किया बस्ता
हड़ताल के पहले दिन जुन्नारदेव तहसील के पटवारियों ने अपना सरकारी बस्ता तहसील कार्यालय में जमा कराया। इसके बाद सभी पटवारी तहसील कार्यालय परिसर स्थित शिव मंदिर में एकत्रित हुए और धरने पर बैठकर आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं हड़ताल के कारण किसानों और आम नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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