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पान के बरेजे फिर होंगे आबाद, प्रफुल्ल मिश्रा की पहल पर CM यादव ने की बड़ी घोषणा

पान की खेती को मिलेगा बढ़ावा, मुख्यमंत्री बोले—मंडला में विकसित होगी पान की खेती, स्थानीय लोगों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

हृदयनगर के पान के बरेजे फिर होंगे आबाद, प्रफुल्ल मिश्रा की पहल पर CM की घोषणा

Mandla 07 October 2026
मंडला यशो:-
 कभी पान के हरे-भरे बरेजों के लिए पहचान रखने वाला हृदयनगर अब एक बार फिर पान की खेती से रोशन होने की उम्मीद जगा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंडला प्रवास के दौरान संवाद कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने अपने गृहग्राम हृदयनगर में पान की पारंपरिक खेती को पुनर्जीवित करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनकी पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले में पान की खेती को विकसित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा से हृदयनगर सहित मंडला जिले में पान के पारंपरिक व्यवसाय को नई पहचान मिलने के साथ किसानों, बरेजा संचालकों और पान व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के सामने रखा हृदयनगर के पान का गौरवशाली इतिहास

भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बताया कि हृदयनगर क्षेत्र में कभी बड़ी संख्या में पान के बरेजे हुआ करते थे। चौरसिया समाज का पारंपरिक व्यवसाय पान की खेती और व्यापार रहा है। समय के साथ संसाधनों की कमी और विशेष रूप से बांस की उपलब्धता नहीं होने के कारण पान के बरेजों की संख्या लगातार कम होती गई और अब गिने-चुने बरेजे ही शेष रह गए हैं।

प्रफुल्ल मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पान की बेल का पौधा भेंट कर मंडला में पान की खेती को पुनर्जीवित करने की मांग रखी। उन्होंने पारंपरिक पान खेती से जुड़े परिवारों की समस्याओं और इसके पुनर्विकास की संभावनाओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री की घोषणा से जगी नई उम्मीद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विषय की गंभीरता को समझते हुए मंडला जिले में पान की खेती को विकसित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पान की खेती को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पारंपरिक व्यवसाय को पुनर्जीवन मिलेगा।

यह घोषणा हृदयनगर के उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिनकी आजीविका कभी पान की खेती और व्यापार से जुड़ी हुई थी।

बाहर से आता है मंडला का पान

वर्तमान में मंडला में पान की आपूर्ति के लिए पश्चिम बंगाल, कोलकाता सहित नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी और उमरिया जैसे क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यदि मंडला जिले में बड़े स्तर पर पान की खेती विकसित होती है तो स्थानीय बाजार की मांग का एक बड़ा हिस्सा जिले में ही पूरा किया जा सकेगा।

इससे किसानों के साथ-साथ पान के बरेजे संचालकों, स्थानीय व्यापारियों और पान व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

चौरसिया समाज और पान व्यवसायियों में उत्साह

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद चौरसिया समाज और पान व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। समाज के लोगों का कहना है कि लंबे समय से विलुप्त होती जा रही पान की पारंपरिक खेती को यदि सरकारी प्रोत्साहन और आवश्यक संसाधन मिलते हैं तो हृदयनगर सहित मंडला जिले में पान उत्पादन फिर अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकता है।

भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा की पहल को चौरसिया समाज और पान व्यवसायियों द्वारा सराहा जा रहा है। मुख्यमंत्री के समक्ष स्थानीय परंपरा, रोजगार और कृषि से जुड़े इस विषय को उठाकर उसे घोषणा तक पहुंचाना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, मंडला प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला महामंत्री श्री नरेश चंद्रौल सहित भाजपा के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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