जनसंघर्ष का प्रतीक बना बागड़ोंगरी, उठी इंसाफ की मांग, अवैध रेत उत्खनन बना मौत का कारण
मृतक का शव सड़क पर रखकर बागड़ोंगरी मार्ग पर पूर्ण चक्का जाम, विधायक रजनीश सिंह के नेतृत्व में जमीनी विरोध
Seoni 25 June 2025
सिवनी यशो :- सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बागड़ोंगरी में बुधवार को जनआक्रोश अपनी चरम पर पहुँच गया, जब अवैध रेत उत्खनन के चलते ग्राम दुरेंदा निवासी यशवंत राव सोनी की दर्दनाक मौत हो गई। चोरी कर भाग रहे डंपर ने साइकिल से घर लौट रहे निर्दोष ग्रामीण को बेरहमी से कुचल दिया और घटनास्थल से फरार हो गया।

इस अमानवीय घटना के विरोध में गाँववालों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर बागड़ोंगरी मार्ग पर पूर्ण चक्का जाम कर दिया। आक्रोशित भीड़ का नेतृत्व स्वयं केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश हरवंश सिंह ने किया, जिन्होंने मौके पर पहुँचकर न सिर्फ लोगों की पीड़ा को साझा किया, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता और माफिया की मनमानी को खुलकर ललकारा।
विधायक रजनीश सिंह का सख्त लहजा: “रेत माफिया और प्रशासन की मिलीभगत से हुआ यह कत्ल” – विधायक रजनीश सिंह ने कहा:
“यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, यह एक सुनियोजित हत्या है — एक निर्दोष नागरिक की, जिसे रेत माफिया और प्रशासन की गठजोड़ ने मारा है। यदि अब भी सरकार नहीं जागी, तो यह जनांदोलन सिर्फ बागड़ोंगरी नहीं, पूरे जिले में ज्वाला बनकर फैलेगा।”
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विधायक ने मौके पर खड़े 14 डंपर और 7 पोकलेन मशीनों की तत्काल जाँच करवाई। इनमें से किसी के पास वैध रॉयल्टी दस्तावेज नहीं मिले। उन्होंने इन सभी वाहनों को राजसात करने तथा अवैध उत्खनन में लिप्त ठेकेदारों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की माँग उठाई।

खनिज विभाग नदारद, शक के घेरे में पूरी व्यवस्था
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद खनिज विभाग का एक भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क गया। विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने आरोप लगाया:
“यह चुप्पी दर्शाती है कि खनन माफिया और खनिज विभाग की मिलीभगत से क्षेत्र में खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, यह जनविरोध है।”
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प्रशासनिक हलचल: एसडीएम ने की जप्ती, कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीणों की मुखरता और विधायक की तत्परता के बीच केवलारी एसडीएम श्री महेश अग्रवाल मौके पर पहुँचे और पंचनामा तैयार कर 14 डंपरों व 7 पोकलेन की जप्ती की प्रक्रिया शुरू कराई। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
बागड़ोंगरी बना जनसंघर्ष का प्रतीक, उठी इंसाफ की मांग
इस चक्का जाम में क्षेत्रीय युवाओं, महिला प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, व्यापारियों और समाजसेवियों की बड़ी भागीदारी रही। सड़क पर उतरकर जनता ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब माफिया और मिलीभगत के खिलाफ जनता चुप नहीं बैठेगी।
ग्रामीणों की आवाज:
“हमने दिनभर आंदोलन किया, मौके पर 14 डंपर और 7 पोकलेन अवैध रेत उत्खनन करते पकड़े गए, लेकिन खनिज विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं पहुँचा — क्या यह चुप्पी भी किसी सौदे का हिस्सा है?”



