मंडला

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का प्रदर्शन, नियमितीकरण व 7वें वेतनमान की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

Mandla 08 January 2026

मंडला यशो:- मध्य प्रदेश कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी एवं (स्थायी) कर्मचारी श्रमिक महासंघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को रैली प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने आरोप लगाया कि शासन के हालिया परिपत्रों और कैबिनेट निर्णयों से दैनिक वेतन भोगी एवं स्थायी कर्मियों में भ्रम और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि-

प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पिछले 25 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं।

16 दिसंबर 2025 को हुई मंत्री परिषद की बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री द्वारा प्रेस वार्ता में स्थायी कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं दिए जाने की बात कही गई थी।

इसी क्रम में वित्त विभाग द्वारा 22 दिसंबर 2025 को जारी परिपत्र की कंडिका 2.5 (पृष्ठ क्रमांक 4) में स्थायी कर्मियों को नियमित के समान सुविधाएं देने का उल्लेख तो किया गया,

लेकिन नियमितीकरण को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया।

महासंघ ने बताया कि इससे पूर्व सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 7 अक्टूबर 2016 को जारी पत्र (क्रमांक F5-1/2013/5, भोपाल) के परिशिष्ट “अ” में नियमितीकरण के स्पष्ट प्रावधान किए गए थे।

वर्तमान निर्णयों में उस नीति को दरकिनार किया जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

ये हैं प्रमुख मांगें

समस्त स्थायी कर्मियों (अकुशल एवं अर्द्धकुशल) को कार्यभारित कर्मचारियों के समान 7वां वेतनमान (₹15,500–49,000) स्वीकृत किया जाए।

कुशल स्थायी कर्मियों को ₹18,000–56,000 का 7वां वेतनमान दिया जाए।

दैनिक वेतन भोगी, स्थायी कर्मी, मास्टर कर्मी एवं सुरक्षा श्रमिकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता दी जाए।

स्थायी कर्मियों को नियमित कर्मचारियों के समान अर्जित अवकाश एवं अन्य लाभ प्रदान किए जाएं।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता देने का प्रावधान किया जाए।

समस्त अस्थायी दैनिक वेतन भोगियों को स्थायी कर्मियों के समान ₹4400–7000 वेतनमान देकर वेतन अंतर समाप्त किया जाए।

सभी दैनिक वेतन भोगी, स्थायी कर्मी, सुरक्षा श्रमिक, मास्टर कर्मी एवं अंशकालीन कर्मचारियों को आयुष्मान भारत “निरामयम” योजना का लाभ दिया जाए।

वन विकास निगम, श्रम कल्याण मंडल, वन विभाग, विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय, विद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर परिषद एवं नगर निगमों में कार्यरत मस्टर कर्मी (अंशकालीन व पूर्णकालीन) को दैनिक वेतन भोगी मानते हुए स्थायी एवं नियमित किया जाए।

कार्यभारित कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया जाए।

सेवानिवृत्त दैनिक वेतन भोगी एवं स्थायी कर्मियों को ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) का लाभ दिया जाए।

महासंघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि-

भारतीय मजदूर संघ मध्य प्रदेश एवं महासंघ के शीर्ष पदाधिकारियों से चर्चा कर श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए।

ये रहे उपस्थित पदाधिकारी

इस अवसर पर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष द्वारका कछवाहा,

प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश ठाकुर,

प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार झा,

मंडला जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सोलंकी,

शीतल चौबे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

https://www.jagran.com/madhya-pradesh/bhopal-mp-contract-employees-protest-50-reservation-in-regular-jobs-almost-gone-40043486.html

Dainikyashonnati

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