समान नागरिक संहिता पर छिंदवाड़ा में मंथन
समिति सदस्य बुधपाल सिंह ने नागरिकों से लिए सुझाव, कलेक्टर ने ऑनलाइन सुझाव देने की अपील की
समान नागरिक संहिता छिंदवाड़ा में मंथन, नागरिकों से मांगे गए सुझाव
Chhindwara 15 June 2026
छिंदवाड़ा यशो:- समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर मध्यप्रदेश शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को एफडीडीआई कॉलेज सभागृह, छिंदवाड़ा में आयोजित की गई। बैठक में समिति सदस्य बुधपाल सिंह ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर सुझाव प्राप्त किए। इस दौरान कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने नागरिकों से ऑनलाइन एवं हेल्प डेस्क के माध्यम से भी सुझाव देने की अपील की।
बैठक में नगर निगम महापौर विक्रम अहके, जनप्रतिनिधि अजय सक्सेना, पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
समिति सदस्य बुधपाल सिंह ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत एवं पारिवारिक मामलों में समानता, न्यायसंगतता और विधिक स्पष्टता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं अन्य व्यक्तिगत विधिक विषय अलग-अलग प्रावधानों के तहत संचालित हो रहे हैं, जिनका व्यापक अध्ययन कर एक संतुलित एवं व्यवहारिक विधिक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति प्रदेशभर में जाकर नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों से सुझाव एकत्र कर रही है, ताकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए व्यवहारिक अनुशंसाएं तैयार की जा सकें।
बैठक के दौरान उपस्थित नागरिकों ने समान नागरिक संहिता के सामाजिक प्रभाव, व्यवहारिक चुनौतियों और आवश्यक सुधारों को लेकर अपने विचार रखे। कई लोगों ने कानून की एकरूपता को आवश्यक बताया, वहीं कुछ नागरिकों ने सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को ध्यान में रखने की बात कही।
कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा कि शासन नागरिकों की सहभागिता से बेहतर और संतुलित व्यवस्था विकसित करना चाहता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने सुझाव ऑनलाइन पोर्टल एवं निर्धारित हेल्प डेस्क के माध्यम से भी भेज सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों की राय समिति तक पहुंच सके।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नागरिकों को समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और सुझाव प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

