कुपोषण, नवजात सुरक्षा और सिकल सेल रोकथाम पर बड़ा अभियान
हर गर्भवती महिला की होगी ट्रैकिंग, बेहतर कार्य करने वाली आशाओं को मिलेगा सम्मान
Chhindwara 21 December 2025
हर्रई (छिंदवाड़ा) यशो:- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रई में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुपोषण, नवजात शिशु सुरक्षा और सिकल सेल रोग की रोकथाम को लेकर एक व्यापक कार्ययोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक की समस्त आशा कार्यकर्ता एवं आशा सहयोगिनियाँ शामिल रहीं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिशु मृत्यु दर में कमी, गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा तथा कुपोषण की रोकथाम सुनिश्चित करना रहा।

हर गर्भवती महिला का अनिवार्य फॉर्म, सीएचसी में होगा संकलन
बीएमओ डॉ. रानी वर्मा ने जानकारी दी कि –
अब प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र की हर गर्भवती एवं
धात्री महिला का विस्तृत फॉर्म भरना अनिवार्य होगा,
जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जमा किया जाएगा।
इससे गर्भवती महिलाओं की स्थिति, पोषण स्तर और स्वास्थ्य जोखिमों पर निरंतर निगरानी रखी जा सकेगी।
डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि उत्तम कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे,
ताकि कार्य में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो।
सिकल सेल रोग पर विशेष उन्मुखीकरण सत्र
कार्यक्रम में सिकल सेल रोग (SCD) पर विस्तृत जानकारी दी गई।
बीएमओ डॉ. रानी वर्मा, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर मनोज जी एवं BCM श्री वाडिवाजी ने सिकल सेल रोग के—
प्रकार
लक्षण
जटिलताएँ
स्क्रीनिंग प्रक्रिया
उपचार एवं अनुवर्ती देखभाल
पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की स्क्रीनिंग में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📄 विकलांगता प्रमाण पत्र, पेंशन और सिकल सेल कार्ड पर जानकारी
कार्यक्रम में सिकल सेल रोगियों को मिलने वाले लाभों पर भी चर्चा की गई, जिनमें—
विकलांगता प्रमाण पत्र
पेंशन योजनाएँ
विवाह एवं गर्भधारण पूर्व परामर्श हेतु सिकल सेल कार्ड
शामिल हैं। साथ ही सिकल सेल रोगियों की देखभाल पर मिलने वाले आशा इंसेंटिव की भी जानकारी दी गई।
पुलिस-स्वास्थ्य विभाग का समन्वय: साइबर सुरक्षा से POCSO तक
SDOP/DSP कल्याणी बरकडे द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को—
साइबर सिक्योरिटी
घरेलू हिंसा
बाल विवाह
डिजिटल फ्रॉड
गर्भपात कानून
POCSO एक्ट एवं धारा 376 MLC
से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियाँ दी गईं।
उन्होंने स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के समन्वय से बेहतर कार्यकुशलता बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के ठोस परिणाम
लगभग 75 सिकल सेल लाभार्थियों को जानकारी दी गई
11 सिकल सेल विकलांगता प्रमाण पत्र बनाए गए
19 सिकल सेल मरीजों का टीकाकरण किया गया
55 मरीजों के सैंपल HPCL जांच हेतु भेजे गए
जागरूकता से सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्यक्रम सिकल सेल रोग, कुपोषण एवं मातृ-शिशु सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हुआ।
आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देकर उनकी कार्य क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को और मजबूत किया गया।
कार्यक्रम की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग,
पुलिस विभाग तथा समस्त प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।



