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अन्वेषण से न्याय तक की कड़ी मजबूत करने सिवनी में पुलिस–अभियोजन की संयुक्त कार्यशाला

एसपी, एडीजे और एडीएम की मौजूदगी में पुलिस अन्वेषकों को मिला कानूनी प्रशिक्षण, नए कानूनों पर मंथन

Seoni 20 December 2025
सिवनी यशो:- सिवनी में पुलिस अभियोजन संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अन्वेषक अधिकारियों और अभियोजन अधिकारियों को नए कानूनों, साक्ष्य संकलन और न्यायिक प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

निदेशालय लोक अभियोजन, भोपाल एवं गृह (पुलिस) विभाग मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार सिवनी में पुलिस अन्वेषक अधिकारियों एवं अभियोजन अधिकारियों के लिए संयुक्त विधिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय यह एक दिवसीय कार्यशाला नियंत्रण कक्ष सिवनी में संपन्न हुई, जिसका उद्देश्य अन्वेषण एवं अभियोजन की गुणवत्ता में सुधार कर पीड़ितों को त्वरित एवं प्रभावी न्याय दिलाना रहा।

सिवनी में पुलिस अभियोजन संयुक्त कार्यशाला नियंत्रण कक्ष
अन्वेषण से न्याय तक की कड़ी मजबूत करने सिवनी में पुलिस–अभियोजन की संयुक्त कार्यशाला

कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक सिवनी सुनील मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विशेष अतिथि के रूप में अति. जिला सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण वर्मा,

एडीएम सुश्री सुनीता खंडायत,

अति. पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा,

उप निदेशक अभियोजन  गोपाल कृष्ण हलदार तथा

अभियोजन सहायक निदेशक सुश्री अर्चना रानी मरावी मौजूद रहीं।

नव विधान और आधुनिक तकनीक पर जोर

कार्यशाला में नव विधानों के आलोक में अन्वेषण की परंपरागत पद्धति के साथ नवीन तकनीक एवं प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

अनुसूचित जाति–जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम,

एनडीपीएस एक्ट,

पोक्सो एक्ट,

महिला एवं बाल अपराध,

आईटी व साइबर फॉरेंसिक,

साक्ष्य संकलन की विधियां तथा न्यायालयों द्वारा पारित महत्वपूर्ण निर्णयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

अनुभव आधारित मार्गदर्शन

कार्यशाला में एडीपीओ ओमप्रकाश सूर्यवंशी,

मनोज कुमार सैयाम, 

अजय कुमार सल्लाम,

  अनिल माहोरे,

लोकेश घोरमारे,

श्रीमती कीर्ति तिवारी, श्रीमती शीतल सैयाम, श्रीमती कौशल्या एक्का एवं

सुश्री रंजीता उईके सहित अभियोजन विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए।

 पुलिस–अभियोजन समन्वय पर विशेष फोकस

अतिथियों ने कहा कि अन्वेषण, अभियोजन और न्याय निर्णय की कड़ी जितनी मजबूत होगी, पीड़ित को उतना ही शीघ्र न्याय मिलेगा। पुलिस और अभियोजन के बीच समन्वय से ही दोषियों को सजा दिलाई जा सकती है।

प्रतिभागियों का सम्मान

कार्यशाला के सफल आयोजन में रक्षित निरीक्षक प्रवीण नायडू, निरीक्षक ओमेश्वर ठाकरे, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी  नवल किशोर सिंह सहित पुलिस स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

https://www.jagran.com/uttarakhand/dehradun-city-new-law-in-uttarakhand-strengthening-prosecution-for-justice-in-uttarakhand-23988999.html

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