“बीबीओं के झगड़े से चौपट हो गया धंधा!” – कलेक्टर से नेत्रहीन शफीक ने की अजीब फरियाद
खंडवा जनसुनवाई में पहुंचा नेत्रहीन दिव्यांग, कहा – 'दोनों पत्नियों को साथ रखना चाहता हूं, समझाइश दीजिए'
मुख्य बिंदु:
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जनसुनवाई में पहुंचा नेत्रहीन भिखारी शफीक
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पत्नियों शबाना और फेमिदा के झगड़े से परेशान
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कहा – “भीख मांगने का काम हो गया चौपट”
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जिला प्रशासन से पत्नियों को समझाने की मांग
कलेक्ट्रेट में पहुंचा अनोखा मामला, सब रह गए हैरान
खंडवा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने अधिकारियों और मौजूद लोगों को चौंका दिया।
नेत्रहीन दिव्यांग शफीक अपनी दो पत्नियों – शबाना और फेमिदा – के झगड़ों से परेशान होकर कलेक्टर के पास गुहार लगाने पहुंचा।
“सर, मैं दोनों बीबियों को पाल सकता हूं, लेकिन उनके रोज़-रोज़ के झगड़े से मेरी कमाई पर असर पड़ रहा है। धंधा चौपट हो गया है। कृपया कोई समझाइश दीजिए।”
भीख मांगकर रोज़ कमाता है 1 से 2 हजार रुपए
शफीक ने बताया कि वह खंडवा से भुसावल के बीच बसों और ट्रेनों में भीख मांगकर गुजारा करता है। उसकी रोजाना की आय करीब 1000 से 2000 रुपए तक हो जाती है, जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।
पहली पत्नी से झटका लगा, फिर कर ली दूसरी शादी
शफीक ने 2022 में पहली शादी की थी। लेकिन जब पहली पत्नी के मायके वालों को लगा कि शफीक उनकी बेटी की अच्छी तरह देखभाल नहीं कर पा रहा, तो उन्होंने दूरी बना ली। इस उपेक्षा से आहत होकर शफीक ने 2024 में दूसरी शादी कर ली।
दोनों पत्नियों को एक छत के नीचे लाने की कोशिश नाकाम
शफीक चाहता है कि उसकी दोनों पत्नियाँ एक साथ रहें, जिससे उसे शांति मिले और वह अपने काम पर ध्यान दे सके, लेकिन जब भी उसने दोनों को एक साथ रखने की कोशिश की, विवाद और झगड़े शुरू हो जाते हैं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया है।
शफीक की अपील – “मुझे कोई सरकारी सहायता नहीं चाहिए, बस शांति चाहिए”
“मैं मेहनत करके भीख मांगकर अपनी बीबियों का पालन कर सकता हूं, बस प्रशासन उन्हें समझाइश दे ताकि वे साथ रह सकें।”



