षड्यंत्र के लिए सूचना के अधिकार को बनाया हथियार
अपने अधीनस्थों के खिलाफ लगवा दी आरटीआई,मामला सैट कराने मांग रहे थे राशि
Seoni 05 March 2025
सिवनी यशो :- लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसे प्रभारी प्राचार्य को रिश्वत लेते पकड़ा है, जिसने सूचना का अधिकार दोबारा न लगाने के एवज में दस हजार रुपए की रिश्वत अपने ही प्रधान पाठक से मांगे थे । मामला छपारा के जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तुलफ का है। लोकायुक्त पुलिस ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार नामदेव (48) के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सूचना के अधिकार का ऐसा भी दुरूपयोग किया जा रहा है कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के विरूद्ध कमियाँ निकालो और सूचना के अधिकार में अपने लगे सगे व्यक्तियों के माध्यम से जानकारी के लिये आवेदन करावाकर कर्मचारियों को ब्लैकमेल किया जाये । शैक्षणिक संस्थाओ में इस तरह का कृत्य शर्मनाक है ।
लोकायुक्त इंस्पेक्टर रेखा प्रजापति द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार बीजा देवरी शासकीय माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक ढीलन सिंह बिसेन ने प्रभारी प्राचार्य द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत करते हुये बताया था कि प्रतिवष राज्य शिक्षा केंद्र के द्वारा शाला प्रबंधन समिति के खाते में छात्रों की दर्ज संख्या के हिसाब से लगभग 50 हजार की राशि आती है । जन शिक्षा केंद्र बीजा देवरी के अंतर्गत 26 स्कूल आते हैं।
कमल शुक्ला नामक व्यक्ति ने उक्त राशि के व्यय के संबंध में सूचना का अधिकार लगाया था जो प्रभारी प्राचार्य नामदेव से परिचित है सूचना के अधिकार के आवेदन का निराकरण करने और दोबारा आरटीआई न लगवाने के एवज में प्रत्येक प्राथमिक शाला से एक हजार और प्रत्येक माध्यमिक शाला से 1500 रुपए की राशि सभी स्कूल प्रभारी से एकत्रित करने का दबाव डाला गया था। नामदेव द्वारा 30 हजार रुपए की मांग की जा रही थी।
प्रभारी प्राचार्य के अधीनस्थ काम करने वाले ढीलन सिंह की शिकायत का सत्यापन करने के पश्चात बखारी के बाजार में चाय की दुकान में नामदेव को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई मे इंस्पेक्टर रेखा प्रजापति, नरेश बेहरा, कमल सिंह उईकेन और अन्य शामिल रहे।





