Seoni 31 July 2025
सिवनी यशो:-जिले की भाजपा शासित नगर परिषदों में भ्रष्टाचार के आरोपों ने राजनीतिक हलचल मचा दी है।
विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगरीय प्रशासन विभाग भाजपा के दबाव में जांच नहीं कर रहा और संबंधित नगर परिषदों को संरक्षण दे रहा है।
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सिवनी नगर पालिका बनाम छपारा नगर परिषद
सिवनी नगर पालिका परिषद, जो कांग्रेस शासित थी, के अध्यक्ष शफीक खान पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर पद से हटा दिया गया।
वहीं, छपारा नगर परिषद जिसकी आबादी महज 20 हजार है,
भ्रष्टाचार के स्पष्ट आरोपों के बावजूद सुरक्षित बताई जा रही है।
छपारा नगरपालिका पर तीन गंभीर आरोप
वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद रामेश्वर बंजारा ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा नियम विरुद्ध और मनमाने दामों पर खरीदी कर भुगतान किया गया।
विधानसभा में केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने मानसून सत्र में तीन प्रमुख घोटालों का मुद्दा उठाया:
- टॉयलेट क्लीनर फर्जी बिल – 19,99,970 रुपये का भुगतान बिना सार्वजनिक शौचालय के किया गया।
- मुरम खरीद अनियमितता – 42,600 रुपये के काम पर 89,755 रुपये का भुगतान।
- स्ट्रीट लाइट घोटाला – 900-1000 रुपये की लाइट्स 4,000-7,000 रुपये में खरीदी गईं।
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मंत्री ने भाजपा नगर परिषद का बचाव किया
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में जवाब दिया कि –
- सार्वजनिक शौचालय उस समय मौजूद थे।
- मुरम भुगतान की अधिक राशि ‘लिपिकीय त्रुटि’ थी।
- स्ट्रीट लाइट खरीद जीईएम पोर्टल से हुई, इसलिए गड़बड़ी नहीं।
इन जवाबों से भाजपा नगर परिषद को क्लीन चिट मिल गई।
राजनीतिक विरोधाभास और असंतोष
विपक्ष का कहना है –
- जहां भ्रष्टाचार स्पष्ट है, वहां कोई कार्रवाई नहीं।
- जहां आरोप कमजोर थे, वहां कांग्रेस अध्यक्ष को हटा दिया गया।
यह घटनाक्रम भाजपा नगर परिषदों में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण को उजागर करता है।
सिवनी और छपारा भाजपा नगर परिषदों पर यह समाचार स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।



