“रक्षाबंधन पर सीएम का तोहफा : लाड़ली बहनों को 250 रुपए शगुन और 2081 करोड़ की सौगात”
लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Bhopal 16 June 2025
बेलखेड़ा (जबलपुर) यशो समाचार :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जबलपुर जिले के बेलखेड़ा में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना एवं महिला सम्मेलन में डॉ. यादव ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर लाड़ली बहनों को 250 रुपये अतिरिक्त शगुन के रूप में दिए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में 1551 करोड़ 44 लाख रुपये की जून माह की किश्त अंतरित की। उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से कुल 2081 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं की राशि लाभार्थियों को अंतरित की। यह लाड़ली बहना योजना की 25वीं किश्त है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक बहना को 1250 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाती है।
महत्वपूर्ण घोषणाएं
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बेलखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय की सौगात
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शहपुरा में SDM, SDOP कार्यालय और कर्मचारी आवास की घोषणा
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22.44 करोड़ रुपये के 8 विकास कार्यों का भूमि पूजन व लोकार्पण
अन्य लाभार्थियों को मिली सहायता
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56.68 लाख पेंशन हितग्राहियों को 341 करोड़ रुपये
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27 लाख बहनों को उज्ज्वला योजना के तहत 39.14 करोड़ रुपये
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6,821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में लाड़ली बहना योजना के तहत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। इस अवसर पर उन्होंने इंदौर की “गंगा” और अन्य बहनों की प्रेरणादायक कहानियों का उल्लेख कर लाड़ली बहना योजना के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया।
बेटियों को समान अवसर
डॉ. यादव ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाएं मातृशक्ति के सशक्तिकरण का आधार हैं। सेना और खेल सहित हर क्षेत्र में बेटियों को बराबरी का अवसर दिया जा रहा है।
गरीबों को पक्का आवास, गैस और मुफ्त राशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को राहत दी जा रही है। साथ ही कोदो-कुटकी पर बोनस और रेडीमेड व्यवसाय के लिए 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता का भी प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जनजातीय कलाकारों के साथ ढोल बजाया और उनका उत्साहवर्धन किया। साथ ही, कन्या पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का शुभारंभ किया गया।



