“किसानों की अनदेखी पर कांग्रेस का हल्ला बोल: 9 अप्रैल को सिवनी में धरना, भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप”
गेहूं उपार्जन में देरी और किसानों के डिफाल्टर बनने का मुद्दा गरमाया, कचहरी चौक पर होगा प्रदर्शन
सिवनी किसान आंदोलन कांग्रेस
Seoni 08 April 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन में लगातार हो रही देरी और किसानों की बढ़ती परेशानियों को लेकर अब कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी सिवनी ने प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है।
गेहूं खरीदी में देरी से किसान परेशान
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं उपार्जन की तिथियां बार-बार बदली जा रही हैं। पहले 23 मार्च, फिर 1 अप्रैल, उसके बाद 10 अप्रैल और अब 15 अप्रैल तक की तारीखें घोषित की जा रही हैं, जिससे किसान असमंजस की स्थिति में हैं।
“कुप्रबंधन से 50% किसान बने डिफाल्टर”
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सहकारी संस्थाओं से ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मार्च तय की गई थी, लेकिन समय पर खरीदी शुरू न होने के कारण प्रदेश के लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए हैं।
प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि किसानों को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
औने-पौने दामों में गेहूं बेचने को मजबूर किसान
कांग्रेस के अनुसार उपार्जन में देरी के चलते किसान मजबूरन अपनी उपज कृषि उपज मंडियों में 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के कम दामों में बेच रहे हैं।
वहीं पड़ोसी राज्य राजस्थान में 16 मार्च से ही गेहूं खरीदी शुरू होने का उदाहरण देते हुए प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।
9 अप्रैल को कचहरी चौक में धरना प्रदर्शन
किसानों की समस्याओं के समाधान और सरकार को जगाने के उद्देश्य से जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा
👉 9 अप्रैल 2026, दोपहर 12 बजे
👉 कचहरी चौक, सिवनी
पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान महामहिम राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की भागीदारी की अपील
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश मरावी ने सभी कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ब्लॉक अध्यक्षों, मोर्चा संगठनों, मंडलम, सेक्टर और वार्ड स्तर के कार्यकर्ताओं सहित जिले भर के कांग्रेसजनों से आंदोलन में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है।
किसान मुद्दे पर गरमाई सियासत
सिवनी में प्रस्तावित यह आंदोलन साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में किसान मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनने वाला है।




