“बाल विवाह पर सख्ती: सिवनी में जागरूकता वाहन रवाना, अक्षय तृतीया से पहले प्रशासन अलर्ट”
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत पहल, विधायक दिनेश राय ने दिखाई हरी झंडी
बाल विवाह जागरूकता अभियान – अक्षय तृतीया, प्रशासन अलर्ट
Seoni 08 April 2026
सिवनी यशो:- बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से जिले में प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
भारत सरकार द्वारा संचालित “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत सिवनी में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष वाहन को रवाना किया गया, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करेगा।

अक्षय तृतीया से पहले बढ़ाई गई सतर्कता
वन स्टॉप सेंटर, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया (आखातीज) जैसे शुभ अवसरों पर बड़ी संख्या में विवाह आयोजित होते हैं।
इस वर्ष यह पर्व 20 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा, ऐसे में प्रशासन ने बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है।
विधायक ने दिखाई हरी झंडी
कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज लारोकर के मार्गदर्शन में
👉 08 अप्रैल 2026 को
👉 विधायक दिनेश राय
द्वारा जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
यह वाहन जिले में घूम-घूमकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानून की जानकारी देगा।
बाल विवाह कानून: जानना जरूरी
विधायक दिनेश राय ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार—
✔ पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष
✔ महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष
निर्धारित है।
उन्होंने चेतावनी दी कि बाल विवाह करना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें—
👉 2 वर्ष तक का कारावास
👉 1 लाख रुपये तक का जुर्माना
👉 या दोनों का प्रावधान हैकिशोरियों के सशक्तिकरण पर जोर
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि किशोरियों को जागरूक कर उन्हें शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना भी है।
कार्यक्रम में रही सहभागिता
इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर सिवनी की प्रशासक सुश्री ईशा बाल्मिक, सेंटर स्टाफ, शहरी परियोजना की कार्यकर्ता एवं स्थानीय महिलाएं उपस्थित रहीं।
संदेश: कुरीति के खिलाफ जागरूकता जरूरी
प्रशासन की यह पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





