अतिथि शिक्षकों से भेदभाव! जनजाति कार्य विभाग में 18 साल का अनुभव भी बेकार
लोक शिक्षण संचालनालय में अनुभव को मान्यता, लेकिन जनजाति कार्य विभाग के अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाण पत्र और अंक से वंचित - समान काम, समान वेतन, फिर दोहरी नीति क्यों?
Seoni 05 February 2026
सिवनी यशो:- अतिथि शिक्षक समन्वयक समिति सिवनी ने अतिथि शिक्षकों को उनके सेवा अनुभव के अनुरूप अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने एवं अनुभव के अंक स्कोर कार्ड में जोड़ने की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल एवं आयुक्त जनजाति कार्य विभाग भोपाल के नाम प्रेषित किया गया है।
जनजाति कार्य विभाग के अतिथि शिक्षक अनुभव से वंचित
सौंपे गए ज्ञापन में समिति ने बताया कि जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत वर्तमान में कार्यरत एवं सेवा से बाहर हो चुके वे अतिथि शिक्षक, जो टीईटी अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें न तो अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है और न ही अनुभव के अंक स्कोर कार्ड में जोड़े जा रहे हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय में समान नियम, जनजाति विभाग में भेदभाव
जबकि लोक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत टीईटी उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण, दोनों ही श्रेणियों के अतिथि शिक्षकों—चाहे वे वर्तमान में कार्यरत हों या सेवा से बाहर—को अनुभव प्रमाण पत्र एवं अनुभव के अंक प्रदान किए जा रहे हैं।
समान कार्य–समान वेतन, फिर दोहरी नीति क्यों?
समिति ने इसे भेदभावपूर्ण और अन्यायपूर्ण नीति बताते हुए सवाल उठाया कि-
जब दोनों विभागों के अतिथि शिक्षक एक समान कार्य कर रहे हैं और
समान वेतन का भुगतान किया जा रहा है,
तो फिर जनजाति कार्य विभाग के अतिथि शिक्षकों को अनुभव के लाभ से वंचित क्यों किया जा रहा है।
10 से 18 साल का अनुभव भी भर्ती में बेअसर
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि-
अनुभव प्रमाण पत्र और स्कोर कार्ड में अनुभव के अंक न जुड़ने के कारण जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत रहे अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं से वंचित हो रहे हैं।
कई अतिथि शिक्षक ऐसे हैं जिनके पास 10 से 18 वर्षों तक का शिक्षण अनुभव है,
इसके बावजूद उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो गंभीर अन्याय है।

सभी अतिथि शिक्षकों को समान अधिकार देने की मांग
अतिथि शिक्षक समन्वयक समिति सिवनी ने मांग की है कि-
जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत एवं सेवा से बाहर हुए सभी अतिथि शिक्षकों को,
चाहे वे टीईटी उत्तीर्ण हों या अनुत्तीर्ण, अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए जाएं और
स्कोर कार्ड में अनुभव के अंक जोड़े जाएं, ताकि उनके साथ न्याय हो सके।
जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन
यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष सुरेंद्र रघुवंशी के मार्गदर्शन में संगठन के सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया।
https://www.bhopalsamachar.com/2023/05/mp-tribal-news-today.html




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