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आस्था को ठेस: तीन साल से अधर में लटका छिंदवाड़ा चौक का नामकरण, हरितालिका तीज से पहले नगर पालिका पर उठे सवाल

जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की जन्मभूमि सिवनी, परिषद की उदासीनता से आस्था आहत – पार्षद राजेश यादव ने जताया विरोध

seoni 23 AUGUST 2025

सिवनी यशो :- सिवनी जिले की पहचान और गौरव, ब्रह्मलीन जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज का नाम आज भी नगर पालिका परिषद की फाइलों में कैद है।

तीन वर्ष पूर्व छिंदवाड़ा चौक का नामकरण महाराज श्री के नाम पर करने

और वहां भव्य स्तंभ स्थापित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था,

किंतु अब तक उस पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।

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हरितालिका तीज, जो महाराज श्री का अवतरण दिवस है, बस दो दिन दूर है।

ऐसे में नगर पालिका की यह उदासीनता आम नागरिकों और संत समाज दोनों की आस्था को ठेस पहुँचा रही है।

पार्षद राजेश यादव का पत्र भी हुआ अनसुना

विवेकानंद वार्ड के पार्षद राजेश राजू यादव ने फरवरी माह में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखकर सवाल उठाए थे कि –

नगर पालिका परिषद एक धार्मिक आस्था से जुड़े प्रस्ताव पर इतनी लापरवाही क्यों बरत रही है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया था कि 28 नवंबर 2022 को हुई साधारण सभा में यह प्रस्ताव प्रथम स्थान पर रखा गया

और सर्वसम्मति से पारित भी हुआ।

बावजूद इसके, 28 माह बीत गए और कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ।

निगरानी समिति बनाने की मांग

पार्षद यादव ने कहा था कि –

कार्य की गति बढ़ाने और समय-सीमा में नामकरण पूरा करने के लिए निर्वाचित पार्षदों की एक निगरानी समिति का गठन जरूरी है।

साथ ही, उन्होंने मांग की थी कि महाराज श्री के अवतरण दिवस से पूर्व चौक का विस्तार

और नामकरण कार्य अवश्य पूरा किया जाए।

नगर पालिका पर उठ रहे गंभीर सवाल

नगर पालिका परिषद ने न तो पार्षद के पत्र पर कोई जवाब दिया और न ही कार्य शुरू किया।

इस चुप्पी से यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक महत्वपूर्ण और आस्था से जुड़े प्रस्ताव को तीन साल तक ठंडे बस्ते में क्यों डाला गया?

नगरवासियों का कहना है कि यदि नगर पालिका इस कार्य को हरितालिका तीज से पूर्व पूरा नहीं करती तो

यह केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं बल्कि जिले के गौरव का अपमान भी माना जाएगा।

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