पहली बार पेंच से किसी अन्य राज्य में भेजी जाएगी बाघिन
पेंच–रामगढ़ बाघ स्थानांतरण मिशन में बड़ी सफलता, बाघिन को लगाया गया रेडियो कॉलर
Seoni, 05 December 2025
🔶 मुख्य बिंदु एक नज़र में
- पहली बार पेंच से किसी अन्य राज्य (राजस्थान) में बाघिन भेजने की तैयारी
- 28 नवंबर से 05 दिसंबर तक लगातार ट्रैकिंग व मॉनिटरिंग
- AI कैमरा ट्रैप से मूवमेंट अलर्ट; हाथी दस्तों की मदद से लोकेशन प्राप्त
- वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत रेडियो कॉलर लगाया गया
- अब 24×7 मूवमेंट, स्वास्थ्य और व्यवहार की निगरानी
📌 बाघिन स्थानांतरण मिशन – टाइमलाइन
📅 28 नवंबर 2025
ट्रैकिंग ऑपरेशन की शुरुआत • संयुक्त टीमें संभावित क्षेत्रों में सर्च शुरू
📅 02–04 दिसंबर 2025
AI कैमरा ट्रैप से लगातार मूवमेंट अलर्ट • टीमों द्वारा रेंज-वार मॉनिटरिंग
📅 05 दिसंबर 2025
हाथी दस्तों की मदद से बाघिन लोकेट • पहचान की पुष्टि
📌 वैज्ञानिक प्रक्रिया
डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं टीम द्वारा ट्रेंकुलाइज → रेडियो कॉलर फिटिंग → सुरक्षित पुनर्जीवन
🔍 आगे की प्रक्रिया
मूवमेंट पैटर्न के विश्लेषण के बाद राजस्थान (रामगढ़ विषधारी TR) भेजने का अंतिम समय तय किया जाएगा।
Seoni, 05 December 2025
सिवनी यशो:- पेंच टाइगर रिजर्व से पहली बार किसी अन्य राज्य, राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में बाघिन भेजने की ऐतिहासिक प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुँच गई है।
28 नवंबर से 05 दिसंबर तक चल रहे लगातार ट्रैकिंग अभियान के बाद वन विभाग ने बाघिन को सुरक्षित ढूंढ निकाला और उसे वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत रेडियो कॉलर पहनाया।
पेंच टाइगर रिजर्व के उप-संचालक रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि पेंच से पूर्व में कई बार बाघ और चीतल मध्यप्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्वों में भेजे गए हैं, परन्तु यह पहला अवसर है जब पेंच की बाघिन किसी अन्य राज्य राजस्थान में स्थानांतरित की जा रही है।
रेडियो कॉलर के माध्यम से अब बाघिन की गतिविधि, स्वास्थ्य, व्यवहार और मूवमेंट पर 24×7 निगरानी रखी जाएगी।
इन आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर ही राजस्थान भेजने की अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी।



