इंटरस्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन मिशन – सतर्क बाघिन बनी चुनौती, अब सीमित टीमों के साथ जारी रहेगा ऑपरेशन
पेंच टाइगर ट्रांसलोकेशन अपडेट: अब कम टीमें, ज़्यादा निगरानी
Seoni 01 December 2025
यह पेंच टाइगर ट्रांसलोकेशन अपडेट अभियान लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, क्योंकि बाघिन अब पहले से अधिक सतर्क और मायावी हो गई है
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिज़र्व से राजस्थान स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व के बीच जारी बहुप्रतीक्षित अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण अभियान में आज महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव किए गए।
लगातार तीन दिनों से एक जैसी प्रोटोकॉल प्रणाली अपनाने के बावजूद निर्धारित बाघिन का कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष साक्ष्य नहीं मिला।
नई रणनीति के अनुसार –
पेंच टाइगर ट्रांसलोकेशन अपडेट टीम अब सीमित मानव गतिविधि के साथ खोज कार्य जारी रखेगी ताकि
बाघिन का स्वाभाविक मूवमेंट वापस शुरू हो सके।
🔍 बढ़ी सतर्कता, बदलते व्यवहार के संकेत
फील्ड टीमों की रिपोर्ट के अनुसार,
क्षेत्र में लगातार मानव उपस्थिति से बाघिन अब अत्यधिक सतर्क,
चतुर और मायावी व्यवहार प्रदर्शित कर रही है।
दिन के समय उसकी गतिविधियाँ कम हो गई हैं,
और वह गहन जंगल क्षेत्रों में छिपकर मूवमेंट कर रही है।
🛑 नई रणनीति – सीमित टीमों के साथ खोज अभियान जारी
इस व्यवहारिक परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए वन अधिकारियों ने बड़ा निर्णय लिया —
➡ कल से कम टीमों द्वारा खोज अभियान संचालित किया जाएगा,
➡ मानव हस्तक्षेप न्यूनतम किया जाएगा,
➡ ताकि बाघिन प्राकृतिक रूप से अपने मूवमेंट फिर से शुरू कर सके।
🎯 विज्ञान आधारित सावधानीपूर्ण प्रक्रिया तैयार
जैसे ही बाघिन का पता लगेगा:
✅ उसे अत्यंत सावधानीपूर्वक बेहोश कर रेडियो कॉलर लगाया जाएगा।
✅ रेडियो कॉलर के माध्यम से उसकी 24×7 निगरानी की जाएगी।
✅ सभी स्वीकृत प्रोटोकॉल के अनुसार उसे राजस्थान स्थानांतरित किया जाएगा।
📢 अभियान कल से संशोधित व्यवस्थाओं और
डिप्लॉयमेंट के साथ जारी रहेगा।
जैसे ही बाघिन लोकेट होती है –
इस पेंच टाइगर ट्रांसलोकेशन अपडेट के तहत उसे बेहोश कर कॉलर लगाया जाएगा,
और नियमों के अनुसार राजस्थान भेजा जाएगा



