Seoni 01 January 2026
सिवनी यशो:- सिवनी जिले के प्रतापगढ़ गांव में नागेश परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ आगे बढ़ रहा है।
कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित उमाकांत शास्त्री द्वारा किया जा रहा है।
कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म उत्सव का ऐसा भावपूर्ण और जीवंत वर्णन हुआ कि-
श्रद्धालु भक्ति-रस में सराबोर हो उठे।
कथा के दौरान पंडित उमाकांत शास्त्री ने कहा कि-
“जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।”
उन्होंने मथुरा की कारागार में वासुदेव-देवकी के यहां श्रीकृष्ण जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि-
भगवान का अवतरण केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं,
बल्कि मानव जीवन को प्रेम, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है।
‘नंद के आनंद भयो’ से गूंज उठा पंडाल
जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया,
पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में झूम उठे और वातावरण पूरी तरह कृष्णमय हो गया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया, जिससे उत्सव का उल्लास और बढ़ गया।
नन्हे राधा-कृष्ण बने आकर्षण का केंद्र
कथा के दौरान राधा-कृष्ण की वेशभूषा में सजे नन्हे बच्चों ने सभी का मन मोह लिया।
बाल गोपाल और राधा के रूप में सजे बच्चों को देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और बड़ी संख्या में लोगों ने इस पावन क्षण को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।
प्रतापगढ़ सहित आसपास के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की सहभागिता से कथा स्थल भक्ति और आस्था के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।
श्रद्धालुओं ने नागेश परिवार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि-
कथा आयोजन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा आगामी दिनों तक जारी रहेगी,
जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।



