अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: पेंच टाइगर रिजर्व ने 18,870 लोगों को जोड़कर बाघ संरक्षण का दिया संदेश
137 शिक्षण संस्थानों, 130 इको विकास समितियों और 267 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनभागीदारी को मिला बढ़ावा
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर पेंच टाइगर रिजर्व का बड़ा अभियान, 18,870 लोगों तक पहुंचा संरक्षण का संदेश
Seoni 29 July 2026
सिवनी यशो:- अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी ने बाघ संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया। अभियान के तहत विद्यार्थियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं एवं स्थानीय समुदायों को बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया गया कि बाघों का संरक्षण केवल वन विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि जनसहभागिता से ही इसकी सफलता सुनिश्चित हो सकती है।

18,870 लोगों तक पहुंचा संरक्षण का संदेश
पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के अंतर्गत 137 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों तथा 130 इको विकास समितियों के माध्यम से 7,989 विद्यार्थियों एवं 10,881 ग्रामीणों व समिति सदस्यों को बाघ संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस प्रकार कुल 18,870 नागरिकों तक संरक्षण का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया गया।

विद्यालयों में व्याख्यान, शपथ और संवाद कार्यक्रम
विद्यालयों में वन अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा जागरूकता व्याख्यान, मल्टीमीडिया प्रस्तुतियां, बाघ संरक्षण शपथ तथा संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों को बाघों की पारिस्थितिक महत्ता, जैव विविधता संरक्षण, वनों के महत्व और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
रचनात्मक प्रतियोगिताओं से बच्चों को जोड़ा
युवाओं और विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पेंटिंग, पॉट पेंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, मेहंदी, रंगोली एवं स्टोरी टेलिंग जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के जरिए वन्यजीव संरक्षण का प्रभावी संदेश समाज तक पहुंचाया।
17 बाघ चौपाल और 112 ग्राम सभाओं में हुआ संवाद
ग्रामीण क्षेत्रों में 17 बाघ चौपाल एवं 112 ग्राम सभाओं का आयोजन कर स्थानीय समुदायों से संवाद स्थापित किया गया। इन बैठकों में बाघ संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष के समाधान, वन संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई और संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया।
‘सयाने मोगली साइकिल’ और ‘रन फॉर टाइगर’ बने आकर्षण
अभियान के दौरान ‘सयाने मोगली साइकिल अभियान’ के माध्यम से 96 गांवों में पर्यावरण एवं बाघ संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया। वहीं 5 किलोमीटर ‘रन फॉर टाइगर’ मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 37 इको विकास समितियों के 176 विद्यार्थियों, पर्यटन गाइडों, वन अमले तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर बाघ संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अभियान में स्थानीय सरपंचों का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
विजेताओं का होगा सम्मान
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर संरक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
बाघ संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में प्रभावी पहल
267 विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 18,870 लोगों तक पहुंच बनाकर पेंच टाइगर रिजर्व ने बाघ संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। यह अभियान केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रकृति, वन्यजीवों और जैव विविधता के प्रति उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता एवं जनसहभागिता विकसित करने का सतत प्रयास है।
यह भी पढ़े :-
आरक्षण: सामाजिक न्याय की व्यवस्था या नई सामाजिक चुनौती?
गुरु पूर्णिमा पर विधायक दिनेश राय मुनमुन ने संत गुरु रविदास को किया नमन
“एक नगर पालिका… दो सीएमओ, दो अध्यक्ष! भुगतानों पर ताला, व्यवस्था बेहाल”



