"मृत मान चुके थे, लेकिन इंसानियत ने लौटा दी जिंदगी"
सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन और कलेक्टर संस्कृति जैन ने प्रदुम ठाकुर के मानवीय प्रयास को सराहा — सोशल मीडिया और पुलिस की मदद से हुआ चमत्कारी पुनर्मिलन
Seoni 16 August 2025
छपारा यशो:- 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में सिवनी जिला प्रशासन ने एक प्रेरणादायक मानवीय कार्य के लिए छपारा निवासी प्रदुम ठाकुर को सम्मानित किया।
प्रदुम ने 9 साल से लापता मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति केशव गावित को उनके परिवार से मिलवाकर समाज के लिए मिसाल पेश की।
लगभग 9 वर्ष पहले, टेकरी, नासिक (महाराष्ट्र) निवासी केशव गावित मानसिक संतुलन खोकर अपने परिवार से बिछड़ गए थे।
परिजनों ने हर जगह तलाश की, थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, रिश्तेदारों से संपर्क किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। समय बीतने के साथ परिवार ने उन्हें मृत मान लिया।
कोविड महामारी के दौरान 2020 में केशव छपारा के यशपाल ढाबा पहुंचे। उनकी दयनीय स्थिति देखकर यशपाल सिंह ठाकुर, शुभम ठाकुर (गज्जू) और प्रदुम ठाकुर ने उन्हें भोजन, आश्रय और सेवा दी।
उस समय वे अपना नाम, पता या परिवार की कोई जानकारी देने में सक्षम नहीं थे, और यहीं रहकर अपना जीवन व्यतीत करने लगे।
30 जुलाई 2025 को, अचानक केशव ने एक कागज पर अपने गांव का नाम और कुछ परिचित नाम लिख दिए।
प्रदुम ठाकुर ने तुरंत इंटरनेट और सोशल मीडिया की मदद ली और पुलिस से संपर्क कर फोटो शेयर किए। कुछ ही घंटों में उनका परिवार मिल गया।
जब केशव के बेटे, बेटी और पत्नी ने उन्हें जीवित देखा, तो खुशी के आंसू छलक पड़े। परिवार ने प्रदुम ठाकुर और उनके सहयोगियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। गांव में जब केशव लौटे तो रिश्तेदार, पड़ोसी और मित्र उन्हें देखने उमड़ पड़े।
यह घटना साबित करती है कि सेवा भावना और तकनीक का सही उपयोग असंभव को भी संभव बना सकता है।
इसी मानवीय संवेदना को सम्मानित करने के लिए, स्वतंत्रता दिवस समारोह में सिवनी कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन और विधायक दिनेश राय मुनमुन ने प्रदुम ठाकुर को विशेष सम्मान से अलंकृत किया।



