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भागवत कथा में अद्भुत चमत्कार: कथा सुनने पहुँचा कौआ, पूर्वजों से जोड़ा गया

गांव-गांव में चर्चा का विषय बनी आस्था से जुड़ी यह घटना

Seoni 05 February 2026
छपारा यशो:-  ग्राम सरंडिया में आयोजित भागवत महाकथा के दौरान भगवत कथा चमत्कारिक कौआ से जुड़ी एक ऐसी अद्भुत घटना सामने आई, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा पंडाल में अचानक आया यह कौआ कथा के आरंभ से अंत तक वहीं बैठा रहा। लोगों ने इस भगवत कथा चमत्कारिक कौआ को पूर्वजों का प्रतीक और दिव्य संकेत माना।

कथा के आरंभ से लेकर समापन तक कौआ पंडाल में शांत भाव से बैठा रहा, मानो वह भी कथा का ध्यानपूर्वक श्रवण कर रहा हो। इस अनोखे दृश्य को देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु हैरान रह गए और इसे आस्था से जोड़कर देखने लगे।

भगवत कथा चमत्कारिक कौआ भागवत कथा सुनते हुए पंडाल में बैठा
भागवत कथा के दौरान पंडाल में बैठा चमत्कारिक कौआ, जिसे श्रद्धालुओं ने पूर्वजों का स्वरूप माना।

चमत्कारिक कौआ बना आस्था का केंद्र

हिंदू धर्म में कौवे को पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों का प्रतीक माना जाता है। इसी मान्यता को और प्रबल करता हुआ कौआ कथा स्थल पर पूर्वजों की प्रतिमा और तस्वीरों के पास जाकर बैठा नजर आया। यह दृश्य देखते ही कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

पूर्वजों का आशीर्वाद मानकर श्रद्धालुओं ने किया नमन

कई श्रद्धालुओं ने कौवे को अपने पूर्वजों का स्वरूप मानते हुए श्रद्धा भाव से नमन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। लोगों का कहना था कि यह घटना साधारण नहीं बल्कि किसी दिव्य संकेत की तरह प्रतीत हो रही थी।

पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना

भागवत कथा के दौरान घटित यह अनोखी घटना अब पूरे गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धा, विश्वास और आस्था से जुड़ी इस घटना ने कथा स्थल को एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।

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