सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में 122वाँ साप्ताहिक संगीतमय सुंदरकांड सम्पन्न
शीत लहर से बचाव, विद्यार्थियों को पढ़ाई में मन लगाने व मोबाइल से दूरी का दिया गया संदेश
Seoni 04 January 2026
सिवनी यशो:- सामाजिक जागरण, संस्कार और सकारात्मक जीवन मूल्यों को केंद्र में रखकर प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले साप्ताहिक आयोजनों की श्रृंखला में सिद्धपीठ श्री ज्वाला देवी मंदिर, भैरोगंज में 122वाँ साप्ताहिक संगीतमय सुंदरकांड एवं श्री हनुमान चालीसा पाठ माँ ज्वाला देवी एवं श्री हनुमान जी की असीम कृपा से अत्यंत भव्य, दिव्य और भक्तिमय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, ढोल–मंजीरों की मधुर लय, शंखनाद और मंत्रोच्चार से ऐसा आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ कि श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। सामूहिक साधना, श्रद्धा और आस्था ने इस आयोजन को विशेष ऊर्जा और दिव्यता प्रदान की।

सामाजिक संदेशों के साथ आध्यात्मिक आयोजन
इस सप्ताह के आयोजन में शीत लहर से बचाव, विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने,
तथा मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रहने जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिए गए।
आयोजकों ने बताया कि यह साप्ताहिक आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं,
बल्कि समाज में अच्छे विचारों, अनुशासन और सकारात्मक जीवन शैली को बढ़ावा देने का माध्यम है।
आज के विशेष यजमान
इस पावन अवसर के विशेष यजमान रहे—
पार्थ गीता बगारे
निवासी: मेंडकी, तहसील वारासिवनी, जिला बालाघाट
यजमान द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं महाआरती सम्पन्न कराई गई।
भोग, प्रसाद और सहभागिता
पाठ उपरांत यजमान द्वारा सब्ज़ी–पूड़ी का भोग अर्पित किया गया,
जिसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने प्रेमपूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया

आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।
श्रद्धा, सेवा और सुव्यवस्था का उदाहरण
स्थानीय भक्तों, मंदिर समिति के सदस्यों एवं सेवाव्रतियों के समर्पित सहयोग से यह आयोजन पूर्णतः सुव्यवस्थित एवं अनुशासित रूप से संपन्न हुआ।
मंदिर परिसर में अनुशासन, स्वच्छता और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया।
अंत में माँ ज्वाला देवी एवं श्री हनुमान जी के चरणों में प्रार्थना की गई कि-
वे सभी भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखें तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और मंगल का संचार करें।
जय श्री राम | जय माँ ज्वाला देवी




One Comment