8 सूत्रीय मांगों को लेकर बस संचालकों का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो 7 अगस्त से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल
जिला प्राइवेट बस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, कलेक्टर और एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन
सिवनी बस एसोसिएशन का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल
Seoni 29 July 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश में प्रस्तावित नई परिवहन नीति एवं बस संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला प्राइवेट बस एसोसिएशन, सिवनी ने बुधवार को मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी आठ सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 6 अगस्त तक मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो 7 अगस्त की रात्रि 12 बजे से प्रदेशभर के बस संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
जिला प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजवली सिंह के मार्गदर्शन में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 26 जुलाई को सागर में मध्यप्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन एवं प्रदेशभर के बस संचालकों की बैठक में नई परिवहन नीति पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया।
नई परिवहन नीति को बताया दमनकारी
ज्ञापन में कहा गया कि 7 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित स्टेज कैरिज बस संचालन संबंधी नई योजना बस व्यवसाय के लिए दमनकारी है और इससे निजी बस संचालकों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। संगठन ने इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
डीजल, टायर और स्पेयर पार्ट्स महंगे, किराया बढ़ाने की मांग
बस संचालकों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में डीजल की कीमत लगभग 69 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा टायर, स्पेयर पार्ट्स एवं अन्य संचालन लागत में भी भारी वृद्धि हुई है, जबकि बस किराए में अपेक्षित संशोधन नहीं किया गया। संगठन ने किराया बोर्ड की बैठक बुलाकर बस किराए में वृद्धि करने की मांग की।
ये हैं बस संचालकों की प्रमुख मांगें
बस एसोसिएशन ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखीं—
- नई स्टेज कैरिज योजना तत्काल वापस ली जाए।
- प्रस्तावित योजना के तहत जारी टेंडर निरस्त किए जाएं।
- तैयार खड़ी लगभग 1200 बसों के पंजीयन का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
- पूर्व में पंजीकृत बसों के विरुद्ध कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
- 15 वर्ष आयु सीमा का प्रतिबंध समाप्त कर फिटनेस के आधार पर परमिट दिए जाएं।
- परमिट नवीनीकरण, ट्रांसफर एवं अस्थायी परमिट की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
- अंतरराज्यीय मार्गों पर लंबित परमिटों का शीघ्र नवीनीकरण एवं स्वीकृति दी जाए।
- परिवहन कार्यालयों में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
हड़ताल की जिम्मेदारी शासन की होगी
एसोसिएशन ने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। यदि 7 अगस्त से बसों का संचालन बंद होता है और आम जनता को असुविधा होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश शासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने से पूर्व होटल अभिनंदन में आयोजित बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में मनीष ठाकुर, संजय नागपुरे, इब्राहिम खान, सुरेश दरिया, रमन सिंह सनोदिया, नितेश साहू, चंद्रभान ठाकुर, निलेश साहू, दीपक जैन, सुभाष गंगवानी, नरेश डेहरिया, पुष्पेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में बस संचालक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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