कुरई में बुलडोज़र ताबड़तोड़ एक्शन: तीनों रिसोर्ट्स पर तोड़–फोड़ शुरू, प्रशासन ने कब्जे हटाए
वनराज, रिजेंटा और पेच इंटरनेशनल रिसोर्ट पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई - शासकीय भूमि खाली कराने बुलडोज़र मौके पर, भारी पुलिस बल तैनात
सिवनी/कुरई यशो:- कुरई तहसील में सोमवार सुबह से ही माहौल अचानक गर्म हो उठा, जब प्रशासन ने तीन नामी रिसोर्ट्स—वनराज रिसोर्ट (कोहका), रिजेंटा रिसोर्ट (टुरिया) और पेच इंटरनेशनल रिसोर्ट (टुरिया)—पर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की ऐतिहासिक कार्रवाई शुरू कर दी।
पूर्व में दिए गए कब्ज़ा हटाने के आदेशों का पालन न होने पर प्रशासन सख्त मोड में आ गया और आज प्रातः 10 बजे से बुलडोज़र कार्रवाई शुरू कर दी।

घटना स्थल पर उपस्थित लोगों के अनुसार, कार्रवाई शुरू होते ही रिसोर्ट परिसर में तोड़–फोड़ की आवाजें गूंज उठीं, और पुलिस-प्रशासन का संयुक्त दस्ता तेजी से सक्रिय हो गया।
कैसे शुरू हुई बड़ी कार्रवाई ? – ग्राउंड से पूरी कहानी
वनराज रिसोर्ट: 3.56 हेक्टेयर पर सबसे बड़ा ऑपरेशन
ग्राम कोहका की शासकीय भूमि-खसरा क्रमांक 441, 442, 446, 448 और 449 – कुल 3.56 हेक्टेयर पर वर्षों से कथित अतिक्रमण को लेकर चल रहे प्रकरण में प्रशासन ने आज पहला धावा बोला।
बुलडोज़र (bulldozer) ने रिसोर्ट परिसर के बाहरी निर्माण, कॉटेज के कुछ हिस्से और बाउंड्री वॉल पर सबसे पहले प्रहार किया।

मौके पर मौजूद अफसरों के अनुसार, जंगल क्षेत्र की भूमि पर हुए निर्माणों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।
रिजेंटा रिसोर्ट, टुरिया: नाप-तौल के बाद कार्रवाई तेज
रिजेंटा रिसोर्ट में प्रशासनिक अमले ने सुबह से ही नाप-जोख का काम पूरा किया, जिसके बाद 0.18 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर किए गए निर्माणों को गिराने बुलडोज़र को आगे बढ़ाया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बाहरी स्ट्रक्चर, पाथवे और बढ़ाए गए हिस्सों को मशीनों द्वारा हटा दिया गया है।
पेच इंटरनेशनल रिसोर्ट, टुरिया: छोटे क्षेत्र में भी नहीं छोड़ी ढिलाई
यहां 0.03 हेक्टेयर जमीन पर किए गए निर्माण को प्रशासन ने छोटी मात्रा बताकर नहीं छोड़ा।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा-
“शासकीय भूमि का चाहे एक इंच कब्ज़ा हो या एक एकड़ – कार्रवाई समान होगी।”
बुलडोज़र ने परिसर में बने छोटे स्ट्रक्चर और गेट क्षेत्र पर कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था युद्धस्तर पर
प्रशासन ने इस कार्रवाई को लेकर किसी भी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी की थी।
तैनात बल:
थाना कुरई से भारी पुलिस बल
महिला पुलिस बल
20 कोटवार
राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी दल
ग्राम पंचायत कोहका व टुरिया के सरपंच-सचिव
माल जमादार पूर्ण पर्यवेक्षण में
कार्रवाई का नेतृत्व नायब तहसीलदार दामोदर प्रसाद दुबे कर रहे हैं।
उनके साथ राजस्व निरीक्षक सुखदेव कुमारे और पटवारी – सुदेश ठाकुर, रामलखन यादव, लोकेश शिववेदी, ज्योत्सना उइके-पूरे रिकॉर्ड के साथ मौके पर उपस्थित हैं।
स्थानीय माहौल: लोगों की भीड़, चर्चाओं का दौर तेज
तोड़फोड़ शुरू होते ही तीनों स्थानों पर स्थानीय लोगों और मीडिया की भीड़ लगने लगी।
सोशल मीडिया पर भी वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इसे “कुरई का अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक ऑपरेशन” बता रहे हैं।
कुछ लोगों ने इसे जंगल और शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए सही कदम बताया, तो कुछ रिसोर्ट संचालकों की ओर से कानूनी लड़ाई की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
क्यों बढ़ी कार्रवाई की गति?
कई महीनों से चल रहे प्रकरणों में बार-बार दिए गए आदेशों के बाद भी अतिक्रमण न हटाए जाने से प्रशासन की नाराजगी बढ़ी।
अंततः 2 दिसंबर को तीनों रिसोर्ट्स पर एक साथ कार्रवाई कर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि—
“अब आदेशों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।”
एक्सक्लूसिव विश्लेषण — ‘बड़ा ऑपरेशन, बड़ा असर’
जंगल क्षेत्र के समीप रिसोर्ट्स में अवैध निर्माण की शिकायतें लंबे समय से चर्चाओं में थीं।
पर्यावरणीय प्रभाव और भूमि विवाद को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा था।
एक ही दिन तीन बड़े रिसोर्ट्स पर बुलडोज़र चलना अपने आप में अभूतपूर्व कदम है।
यह कार्रवाई भविष्य में अन्य विवादित संरचनाओं पर भी असर डाल सकती हैं।
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निष्कर्ष: कुरई में प्रशासन की सबसे कड़ी कार्रवाई — और जारी है…
आज का दिन कुरई के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है।
तीनों रिसोर्ट्स पर तोड़–फोड़ की कार्रवाई अभी भी जारी है और प्रशासन शासकीय भूमि को पूरी तरह खाली कराने के मूड में है।
आगे भी कार्रवाई से जुड़े अपडेट लगातार आते रहेंगे।




